बागपत, जेएनएन: यूपी हरियाणा सीमा विवाद के निस्तारण की कवायद में जुटी सर्वे विभाग की टीम को सोमवार को छपरौली यमुना खादर में एक बाउंड्री पिलर जमीन में दबा मिला। इस दौरान पानीपत जनपद (हरियाणा) की टीम भी मौजूद रही। दूसरे पिलर उखाड़ दिए गए या यमुना नदी के पानी में बह गए, टीम इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।

यमुना खादर में पिलर को खोजने काम आठवें दिन भी जारी रहा। सर्वे विभाग के कानूनगो नंद किशोर, लेखपाल मोनू के अलावा पानीपत के कानूनगो महेंद्र और लेखपाल अमित आदि टीम में शामिल रहे। कानूनगो ने बताया कि घंटों की मशक्कत के बाद छपरौली यमुना खादर में एक बाउंड्री पिलर जमीन में दबा मिला। कानूनगो ने बताया कि यमुना खादर में कई पिलर और भी मिलने चाहिए थे, लेकिन वे किसी ने उखाड़ लिए या नदी के पानी के तेज बहाव में बह गए, इसका पता लगाया जाएगा। दोनों राज्यों की सीमा पर पिलर खोजने के काम में बागपत, सोनीपत और पानीपत की राजस्व टीम लगी हैं। किसानों को भी उम्मीद है कि इस बार सीमा विवाद का स्थाई समाधान निकल जाएगा।

इस तरह हुआ था रकबे का आदान-प्रदान

सर्वे विभाग की टीम ने बताया कि दीक्षित अवार्ड के अंतर्गत छपरौली खादर से लगभग 35 हेक्टेयर रकबा पानीपत के हथवाला गांव में गया था, जबकि पानीपत के हथवाला से 49 व गोयलाखुर्द, खोजकीपुर और रायमल से चार हेक्टेयर रकबा छपरौली में आया था। छपरौली से पानीपत को गए अधिकांश रकबे पर हथवाला गांव के किसानों ने ओवरलेप कर रखा है। इसी को लेकर आए दिन यमुना खादर में विवाद की स्थिति रहती है।

Posted By: Jagran

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