छह वर्ष के मासूम आयुष के गले में फंस गई थी सीटी; आपरेशन था जोखिमभरा, अंत में दूरबीन विधि काम आई
छह वर्षीय मासूम आयुष के गले में फंसी प्लास्टिक की सीटी को दिल्ली के कलावती अस्पताल में दूरबीन विधि से ...और पढ़ें

दिल्ली के अस्पताल में भर्ती आयुष। सौ. स्वजन
HighLights
दिल्ली के कलावती अस्पताल में दूरबीन से सीटी निकाल ली गई।
जोखिम भरे ऑपरेशन के बजाय सफल उपचार से आयुष स्वस्थ।
संवाद सूत्र, रमाला (बागपत)। फतेहपुर चक गांव के रहने वाले छह वर्षीय मासूम आयुष के गले में फंसी प्लास्टिक की सीटी को दिल्ली के कलावती अस्पताल में चिकित्सकों ने दूरबीन की सहायता से सफलतापूर्वक निकाल दिया। गले का आपरेशन जोखिम भरा होने के कारण चिकित्सकों ने दूरबीन से सीटी निकालने का निर्णय लिया। सफल उपचार के बाद आयुष की हालत सामान्य है और वह स्वस्थ बताया गया है।
हुआ यूं कि फतेहपुर चक निवासी रविंद्र का छह वर्षीय पुत्र आयुष सोमवार को बूढ़पुर गांव में लगे मेले में गया था। वहां से उसने प्लास्टिक की छोटी सीटी खरीदी थी। बुधवार को घर पर खेलते समय सीटी मुंह में रखकर बजाने के दौरान वह अचानक फिसलकर गले में जा फंसी। साथ ही आयुष को सांस लेने में परेशानी होने लगी। स्वजन उसे तत्काल बड़ौत सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया।
स्वजन पहले आयुष को जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं श्रीमती सुचेता कृपलानी कलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान चिकित्सकों ने गले का आपरेशन जोखिम भरा बताया। इसके बाद डा. चिराग शर्मा के नेतृत्व में पांच चिकित्सकों की टीम ने दूरबीन की सहायता से करीब एक घंटे बाद गले में फंसी सीटी को बाहर निकाल दिया। सफल उपचार के बाद आयुष की हालत अब सामान्य है। स्वजन ने राहत की सांस ली है।
