बागपत, जेएनएन। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अंतर्गत कोविड के कारण अनाथ होने वाले 18 वर्ष आयु तक के बच्चों को 2500 रुपये प्रति माह आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव गत दो अगस्त को कैबिनेट से पास हो गया। इससे बागपत के उन बच्चों को मदद मिलेगी, जिनके माता-पिता या इनमें किसी एक की मौत कोविड काल में हुई पर कोरोना रिपोर्ट नहीं होने से वंचित रह गए थे।

बागपत में 40 बच्चे ऐसे हैं, जिनके अभिभावकों की मौत कोविड से हुई, लेकिन कोरोना रिपोर्ट नहीं होने के कारण चार हजार रुपये माह की मदद पाने से वंचित रह गए थे। अब इन गरीब बच्चों को 2500 रुपये माह आर्थिक मदद व मुफ्त शिक्षा मिलेगी। महिला एवं बाल कल्याण

विभाग की संरक्षण अधिकारी दीपांजलि ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) में एक परिवार के केवल दो बच्चों तक ही लाभ मिलेगा। विभाग से आदेश मिलने के बाद बच्चों को लाभान्वित करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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इन्हें मिलेगा लाभ

बड़ौत के एक गांव में एक साल पहले चार बच्चों की मां का निधन हो गया, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में पिता भी चल बसा। कोविड रिपोर्ट नहीं होने से लाभ उठाने से वंचित रह गए थे, लेकिन अब इनमें दो बच्चों को लाभ मिलेगा। बागपत नगर की एक महिला ने मुख्यमंत्री के फैसले की सरहाना करते हुए कहा कि उनके पति की कोरोना की दूसरी लहर में मौत हो गई। कोरोना रिपोर्ट नहीं होने से पांच बेटियों को मदद नहीं मिली थी। अब दो बेटियों को हर माह मदद मिलने और पढ़ाई मुफ्त मिलने से कुछ तो सहारा मिलेगा।

Edited By: Jagran