जागरण संवाददाता, बड़ौत : सूप गांव के दोहरे हत्याकांड में राशन डीलर ललिता के पति संजीव को फंसाने के आरोप में सूप गांव में पंचायत हुई, जिसमें दावा किया गया कि हत्याकांड के दिन संजीव राशन बांट रहा था। पुलिस पर फर्जी केस खोलने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने पुलिस को दो दिन का अल्टीमेटम दिया।

सूप गांव निवासी धर्मेद्र व संजीव की पिछले दिनों हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में सूप की राशन डीलर ललिता के पति संजीव व बिट्टू को जेल भेजा गया था। एक आरोपी सौरभ भी पुलिस ने पकड़ा था और पूछताछ कर संजीव को दोषी ठहराया गया। हत्याकांड में संजीव को फंसाने को लेकर सूप गांव में पंचायत हुई। अध्यक्षता कर रहे हरपाल सिंह ने कहा, पुलिस बिना वजह संजीव को इस केस में घसीट रही है। बिना आधार के संजीव को दोषी ठहरा दिया गया। हत्या वाले दिन संजीव गांव में राशन बांट रहा था, इसका उनके पास प्रमाण भी है।

सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुलिस दो दिन में घटना का सही खुलासा नहीं करती है तो ग्रामीण दिल्ली हाईवे जाम करेंगे। पंचायत का संचालन संचालन प्रदीप सिंह ने किया। इस मौके पर कैप्टन ब्रह्मसिंह, मा.राजकुमार, इकबाल, हरीराज, कंवरपाल, भोपाल, डा. रघुवीर, भौर सिंह, राजेंद्र, ब्रह्मपाल, सोमपाल आदि शामिल थे।