जासं, बदायूं : विश्व प्रसिद्ध हजरत सुल्तान आरफीन रहमतुल्ला अलैह उर्फ बड़े सरकार के दरगाह पर मनाए जा रहे सालाना उर्स मुबारक की महफिल में कव्वालों की टोलियों ने कलामों की धूम मचा दी है। अकीदतमंद गुलपोशी व चादरपोशी के साथ आस्ताने की जाली पकड़कर मन्नतें मांग रहे हैं।

दरगाह बड़े सरकार पर उर्स-ए-पाक के दूसरे दिन बुधवार को दरगाह की पूरी जगह जायरीनों व अकीदतमंदों से पूरी तरह भरी दिखाई दी। साथ ही वहां का मौजूद कब्रिस्तान भी जायरीनों की बनाई गई रौव्यिों से भरा हुआ है। दरगाह पर जगह-जगह कव्वालों की टोलियों ने अपना अलग रंग जमा लिया है। तवर्रूख तकसीम करने वाला पकवान भी जगह जगह बनता नजर आ रहा है।

हाजिर अकीदतंदों का अपना मानना है कि उर्स में शिरकत करना हर किसी के हाथ की बात नहीं है। बल्कि उर्स में वहीं शरीक हो सकता है जिसको बुलाया जाता है। लोगों का यह भी मानना है कि हजरत बड़े सरकार साहब और हजरत छोटे सरकार साहब के आस्तों की हाजरी कभी खाली नहीं जाती है। जिसको मद्देनजर रखते हुए अवामी अकीदतमंदों के अलावा दुनिया भर के अकीदतमंद जायरीन यहां आकर दरगाहों की हाजरी करते हैं और फैज पाते हैं। छोटे सरकार और बड़े सरकार की दरगाह पर वाराहो मदीने आसेवी मरीजों की भीड़ दिखाई पड़ती है। भूत पलीत, जादू टोना का भी यहां की हाजी से शर्तिया लाभ मिलता है।

लोगों का मानना है कि इन पाक दरगाहों का चिल्ला करने से सभी तरह की परेशानी दूर हो जाती है और बिगड़े काम भी बन जाते हैं। इन दरगाहों की इन विशेषताओं को मद्देनजर रखते हुए यहां हर वक्त अकीदतमंदों की भारी भीड़ दिखाई पड़ती है और उर्स के मौके पर तो यहां कदम रखना मुश्किल हो जाता है।

उर्स में अकीदतमंदों द्वारा पूरे दिन गुल पोशी व चादरपोशी का सिलसिला चलता रहा दरगाह पर लगे बाजार से भी हाजिर लोगों ने जमकर खरीददारी की। कव्वालों की टोलियों ने अपने पाकीजा कलमों से हाजिर लोगों का दिल जीत लिया।