यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से किशोरी समेत दो की मौत, सैकड़ों बीमार
जिला अस्पताल समेत राजकीय मेडिकल कालेज में बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

जागरण संवाददाता, बदायूं : जिला अस्पताल समेत राजकीय मेडिकल कालेज में बुखार के मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। देहात क्षेत्रों में स्थिति दिनोंदिन बिगड़ रही है। शनिवार से रविवार तक अलग-अलग स्थानों में बुखार की चपेट में आकर किशोरी समेत दो लोगों की मौत हो गई। कहीं मलेरिया के मरीज मिल रहे हैं तो कहीं फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि आधी-अधूरी खुराक लेने के कारण ही लोग बुखार से नहीं उबर पा रहे हैं। वहीं, झोलाछाप भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार हैं। झोलाछापों के खिलाफ चलाए गए अभियान ठंडा पड़ चुका है। देहात इलाकों में झोलाछाप मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। सीएचसी-पीएचसी से स्टाफ की गैरहाजिरी के चलते जिला अस्पताल पर अतिरिक्त बोझ आ गया है।
संसू, सिलहरी : गांव गुरुपुरी विनायक निवासी जगदीश सिंह (50) सप्ताभर से बुखार से ग्रसित थे। परिजनों ने निजी डॉक्टरों से उनका इलाज कराया लेकिन राहत नहीं मिली तो शहर के एक चिकित्सक के पास लाए। यहां से भी दवा का कोई फायदा नहीं हुआ और शनिवार को उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि जगह-जगह गंदगी फैली हुई है और सफाईकर्मी यहां नियमित नहीं आता। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी यहां का रुख नहीं किया है। जबकि गांव में दर्जनों लोग बुखार से तप रहे हैं।
संसू, सैदपुर : कस्बा के समीप गांव जमालपुर निवासी ओमप्रकाश कस्बा के बिजली उपकेंद्र पर संविदा कर्मचारी हैं। पिछले सप्ताह उनकी बेटी मोरकली (12) को बुखार आया था। वह उसे लेकर पीएचसी पहुंचे, यहां जांच में उसे मलेरिया की पुष्टि हुई। इस आधार पर ही उसे दवा दी गई। कुछ देर बाद उसे उल्टियां शुरू हो गई। रात में ही परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया गया। वहां से बिसौली के निजी अस्पताल मे ं भर्ती कराया लेकिन यहां भी सुधार न होने पर परिवार वाले उसे चंदौसी और मुरादाबाद भी दिखाने ले गए। रविवार को किशोरी की मौत हो गई। परिजन शव लेकर शाम को यहां पहुंचे। परिवार वालों को रो-रोकर बुरा हाल है। झोलाछाप के इलाज से युवक की हालत बिगड़ी
- कासिमपुर गांव का महीपाल (40) बुखार के चलते इलाके के ही एक झोलाछाप के यहां दवा लेने गया था। उसकी दवा खाने के कुछ देर बाद महीपाल की हालत बिगड़ गई। मामले की जानकारी पर परिजनों ने वहां हंगामा किया, जबकि बाद में युवक को बरेली के निजी अस्पताल ले गए।
