बदायूं : हरियाणा से बिहार को तस्करी के लिए ले जाई जा रही शराब की एक बड़ी खेप पुलिस के हाथ लगी है। खासियत यह है कि इस खेप को डाक विभाग का नकली पार्सल वाहन बनाकर उसमें ले जाया जा रहा था। एसपी सिटी की विशेष टीम व उझानी पुलिस के संयुक्त अभियान में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। पकड़े गए दो तस्करों को कोर्ट ले जाने से पहले पुलिस ने उन्हें एसएसपी अशोक कुमार के सामने पेश किया। यहां एसएसपी ने प्रेसवार्ता के माध्यम से घटना का अनावरण किया है। एसएसपी को सूचना मिली कि भारी मात्रा में हरियाणा ब्रांड की शराब की खेप जिले में लाई जा रही है। एसएसपी के निर्देश पर उझानी पुलिस और एसपी सिटी की स्पेशल टीम ने चे¨कग के दौरान बिजनौर हाइवे पर स्थित गांव बरायमय खेड़ा के पास से डाकविभाग का एक पार्सल वाहन पकड़ा। तलाशी लेने पर वाहन से 110 पेटी हरियाणा ब्रांड की शराब निकली। ड्राइवर व क्लीनर को भी टीम ने धर लिया। थाने लाकर पूछताछ में ड्राइवर ने अपना नाम राशिद निवासी गांव नदायल थाना सहसवान और क्लीनर ने आरिफ निवासी कस्बा उसहैत बताया। दोनों ने बताया कि शराब की खेप हरियाणा से बिहार ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही पकड़े गए।

कई जिलों की पुलिस को दिया चकमा

जिस वाहन से शराब की खेप लाई जा रही थी। उसे लाल रंग से पेंट करके भारतीय डाक सेवा का वाहन बना लिया। डाक सेवा का बोर्ड भी लगा लिया था। ऐसे में हरियाणा से बदायूं तक दर्जनों जिले और सैकड़ों थाने व चौकी पर तैनात पुलिस को इस वाहन के जरिये चकमा दिया जाता रहा। ये दगाबाज बदायूं भी पहुंच गए लेकिन एसएसपी के नेटवर्क से नहीं बच सके और धर लिए गए।

आठ लाख की है शराब

बरामद शराब की कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई जा रही है। चर्चा यह भी है कि बदायूं से भी इस तस्करी के तार जुड़े हुए हैं। रोडवेज इलाके कुछ लोग भी इस मामले में पुलिस ने चिह्नित किए हैं। हालांकि विवेचना के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। --तस्करों का गैंग बाहर का लग रहा है। हालांकि ड्राइवर और क्लीनर लोकल के होने के कारण यहां से भी घटनाक्रम जुड़ सकता है लेकिन यह विवेचना का विषय है। फिलहाल गाड़ी का जो भी मालिक है उसे ट्रेस कर रहे हैं। पकड़े गए लोगों से भी कई अहम सुराग मिले हैं। बाकी जो भी विवेचना में प्रकाश में आएंगे, उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।

- अशोक कुमार, एसएसपी

Posted By: Jagran