यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से तीन की मौत, अस्पताल की व्यवस्थाएं बदहाल
जिले में बुखार का प्रकोप अभी भी जारी है। शुक्रवार को ही तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई।

बदायूं : जिले में बुखार का प्रकोप अभी भी जारी है। शुक्रवार को ही तीन लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। वहीं स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों की मानें तो 103 मरीज फेल्सीपेरम मलेरिया के मिले हैं। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं हावी हैं। अभी भी ओपीडी में डॉक्टर बैठना पसंद नहीं कर रहे हैं और वार्ड ब्वाय मरीजों का इलाज कर रहे हैं। आलम यह है कि मरीजों को पंखे अभी भी मयस्सर नहीं हैं और मरीज व तीमारदार निजी पंखे लगाकर इलाज करा रहे हैं।
संसू, मूसाझाग : ब्लॉक क्षेत्र समरेर के गांव मनकापुर कौर में बुखार की चपेट में आकर राजपाल की 35 वर्षीय मनीषा की शुक्रवार को मौत हो गई। मनीषा तीन दिन से बुखार से ग्रसित थीं। वहीं तिगुलापुर गांव में अवधेश की छह साल की बेटी भावना की भी गुरुवार रात बुखार से मौत हुई है।
संसू, कुंवरगांव : कस्बा के वार्ड संख्या नौ निवासी अविनाश चंद्र शर्मा की पत्नी अनुराधा शर्मा कई दिन से बुखार से पीड़ित थीं। बरेली के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।
जिले में मिले फेल्सीपेरम के 103 मरीज
बदायूं : सीएमओ डॉ. आशाराम ने बताया कि जिले की 24 टीमों ने शुक्रवार को बुखार के सात सौ रोगियों का उपचार किया। वहीं 259 रोगियों की स्लाइड बनाई गई। 505 रोगियों की रैपिड डायग्नोस्टिक किट द्वारा जांच की गई। इस दौरान फेल्सीपेरम मलेरिया के 103 मरीज मिले। इन सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। टीमों द्वारा प्रभावित ग्रामों मे लगभग 800 क्लोरीन गोलियों का वितरण किया गया। टीमों के माध्यम से बुखार के कुल 42 हजार 231 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
गांव पलियालट्टू, पुरैनी ब्लाक दातागंज, बमनपुरा में एंटीलार्वा का छिड़काव किया गया।
