जेएनएन, बदायूं : बीते दो दिनों से डेंगू के मरीजों की संख्या में कुछ कमी आई है। हालांकि खतरा अभी बरकरार है, इसीलिए जिलाधिकारी दीपा रंजन ने डेंगू प्रभावित गांवों में चिकित्सा शिविर लगातार जारी रखने के निर्देश दिए हैं। जिले में बुधवार को 19 गांवों में शिविर लगाकर जबकि जिला अस्पताल व सीएचसी, पीएचसी में भी मरीजों की जांच की गई। कुल 536 लोगों की जांच में 15 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। वहीं उझानी और म्याऊं में तीनों लोगों की डेंगू व बुखार से मौत हुई है।

बुधवार को जिले भर में हुई कुल 536 जांचों में जिन 15 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, उनमें दस बदायूं शहरी क्षेत्र के ही हैं। इसमें एएनएम ट्रेनिग सेंटर में दो, कृष्णापुरी में एक, नेकपुर में एक, पक्का बाग में एक, जिला पुरुष अस्पताल से एक, कोतवाली में एक, अल्फा खां सरायं में एक, जिला जेल में दो, इसके अलावा जगत के गांव पडौआ में एक, कादरचौक के ककोड़ा में दो, उझानी के बसोमा में एक और एक अन्य जिले का व्यक्ति शामिल है। बुधवार को जिले के सभी 76 गांवों में टीमें भेजकर डीडीटी दवा, एंटी लार्वा और लार्वी सायडल दवा का छिड़काव भी कराया गया। इसके अलावा एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को घर घर भेजकर अब बीमार लोगों की जानकारी कराई जा रही है। जो लोग बीमार हैं, उन्हें घर पर ही दवा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने बताया कि बुधवार को जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां गुरुवार को टीम भेजने के लिए तैयारी कर ली गई है। सभी क्षेत्रों में लोगों की जांच और दवा का छिड़काव कराया जाएगा। वहीं मलेरिया इंस्पेक्टर तनवीर सिंह ने बताया कि जैसे जैसे मौसम में ठंडक आती जाएगी, डेंगू का प्रभाव कम होने लगेगा। बुखार से अभी भी प्रभावित हैं लोग

संसू उझानी: तेज बुखार आने से अलग -अलग स्थानों पर दो लोगों की मौत हो गई। डेंगू प्रभावित गांव बसोमा निवासी रामौतार (55) पुत्र गोपाल को विगत दिनों से बुखार आ रहा था मेडीकल कालेज से दवा लेकर अपने घर आ गए। मंगलवार रात को उनकी घर पर ही मौत हो गई। उधर डेंगू प्रभावित गांव बरामालदेव निवासी लखपत (50) पुत्र ऋषिपाल को विगत दिनों से बुखार से पीड़ित थे। जिनका उपचार मेडीकल कालेज में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर रेफर किया गया। दिल्ली में उपचार के दौरान मंगलवार रात को उनकी मृत्यु हो गई। म्याऊं में नहीं थम रहा प्रकोप

संसू, म्याऊं : विकास खंड क्षेत्र के गांव में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। बुधवार को उपचार के लिए ले जाते समय बुखार पीड़ित एक महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। ब्लाक म्याऊं क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर निवासी विशा पत्नी छोटे लाल पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। स्वजन ने बदायूँ एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां डेंगू पीड़ित बता उपचार किया जा रहा था। बुधवार सुबह महिला की हालत बिगड़ने पर बरेली हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। महिला को उपचार के लिए दिल्ली ले जाते समय रास्ते मे ही दम तोड़ दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. असलम खां ने बताया कि बुखार से महिला की मौत की जानकारी नहीं है। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव करा दिया जाएगा। साथ ही शिविर लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। इधर ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में कोई सफाई कर्मी नहीं आता है। जिसके कारण गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और बीमारी फैल रही है।

Edited By: Jagran