जेएनएन, बदायूं : गुरुवार को भी नरौरा बैराज से गंगा में पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा। इसके चलते गंगा में उफान आने लगा है। तेजी से बढती हुई लहरें गंगा महावा बांध से टकराने लगी हैं। हालांकि अभी किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं भरा है लेकिन फसलें जलमग्न हो गई हैं। हरिद्वार और बिजनौर से लगातार पानी छोड़े जाने के चलते अभी जलभराव की स्थिति बनी रह सकती है।

पहाडों पर बारिश के कारण हरिद्वार से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिसकी मात्रा अभी भी एक लाख क्यूसेक से ऊपर बनी हुई है। नरौरा बैराज से गुरुवार को गंगा में एक लाख 11 हजार 978 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो बुधवार के मुकाबले 30 हजार क्यूसेक अधिक था। कछला में मीटर गेज बढ़ता हुआ 162.40 मीटर पर पहुंच गया। इससे उफनती हुई गंगा की लहरें दायरे को लांघती हुई जीएम बांध से टकराने लगी हैं। बांध के उस पार बसे गांव भमरौलिया, खागी नगला, परशुराम नगला समेत आधा दर्जन गांवों के चारों ओर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। अभी किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं भरा है। डूब क्षेत्र में बोई गई मक्का, बाजरा, ईख आदि फसल के खेतों में पानी भर गया है। आशंका जताई जा रही है कि यदि पहाड़ों पर बारिश जारी रहती है और गंगा में पानी छोड़ा जाता है तो फिलहाल जलभराव की स्थिति बनी रह सकती है।

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गंगा में फिर पानी बढ़ा है। सदर, सहसवान और दातागंज तहसील के अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है। नाव से लेकर बाढ़ पीड़ितों के ठहरने और उपचार के लिए भी इंतजाम किए गए हैं। अगर किसी गांव में पानी पहुंचने की नौबत आती है तो ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई है।

नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त