उझानी (बदायूं), जेएनएन : उझानी कोतवाली के गांव भवानीपुर में शुक्रवार सुबह30 मई से लापता फल विक्रेता का कंकाल मक्का के खेत में मिला। युवक का सिर धड़ से अलग कुछ दूरी पर मिला है। स्वजन ने हत्या का आरोप गांव के ही लोगों पर लगाया है। सीओ उझानी गजेंद्र सिंह व कोतवाल विशाल प्रताप सिंह ने मौका मुआयना किया। स्वजन की तहरीर पर पुलिस पिता पुत्र समेत तीन पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है।

गांव भवानीपुर का वीरेंद्र उर्फ ओमवीर पुत्र पौथीराम चंडीगढ़ में मय परिवार रहकर फल का ठेला लगाता था। वीरेंद्र के भाई उमेश ने बताया कि वह एक साल बाद 30 मई की शाम घर लौटा था। फिर उसी रात 10.30 बजे किसी ने फोन कर उसके भाई को घर के बाहर बुलाया। इस पर वीरेंद्र घर से बाहर गया। लेकिन, देर रात तक नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की। उसका कोई पता नहीं चला। फिर स्वजन ने आठ जून को उसकी गुमशुदगी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज कर ली। शुक्रवार सुबह कुछ ग्रामीण जंगल की तरफ से जा रहे थे, तभी उन्हें श्रीपाल के मक्का के खेत से दुर्गध आई। इस पर ग्रामीणों ने खेत में जाकर देखा तो खेत में क्षत विक्षत कंकाल पड़ा था। उसका सिर धड़ से अलग था। सूचना पर वीरेंद्र के स्वजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कपड़ों से उसकी पहचान वीरेंद्र के रूप में की। सूचना पर सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई ने गांव के ही धर्मवीर और उसके बेटे गजेंद्र और प्रभाशंकर पर हत्या का आरोप लगाया है। बिजली करंट से मौत का दावा, फेंकी गई दूसरे खेत में लाश

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि धर्मवीर ने पशुओं से फसल की रखवाली को खेत में तारकशी कर रखी थी। जिसमें बिजली करंट छोड़ा गया है। इसी करंट की चपेट में आने से वीरेंद्र की मौत हुई। धर्मवीर व उसके बेटों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अगली सुबह उसकी लाश चुपचाप श्रीपाल के खेत में फेंक दी। 10 दिन तक खेत में शव पड़े रहने से वह सड़ गल गया। जंगली जानवरों ने भी लाश को निवाला बनाया। जिससे उसके शरीर के टुकड़े अलग-थलग मिले है। हालांकि पुलिस हत्या के आरोपों की जांच कर रही है। देर रात जंगल में क्या करने गया था वीरेंद्र

स्वजन वीरेंद्र की हत्या का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, पुलिस उसकी मौत मौत करंट से बता रही है। लेकिन, सवाल यह है कि वह रात में घर से बाहर जंगल में क्यों गया। वह धर्मवीर के खेत पर क्यों पहुंचा। उसे घर से किसने बुलाया। ऐसे कई अहम सवालों के जवाब पर ही वीरेंद्र की मौत का राजफास हो सकेगा। छोटे भाई योगेश ने बताया कि वीरेंद्र पिता की तबीयत खराब होने पर रुपये लेने चंडीगढ़ से अकेले आया था। वह अगले दिन ही चंडीगढ़ लौटने वाला था। वर्जन

प्राथमिक जांच में खेत में की तारकसी में छोड़े करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हुई है। खेत मालिक ने स्वयं को बचाने के लिए उसकी लाश को दूसरे के खेत में फेंक दिया। तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

वीरेंद्र सिंह, सीओ उझानी

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