यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार ने दो दिन में छीनी सात की जिंदगी, दर्जनों बीमार
सलहरी क्षेत्र में बुखार का प्रकोप और उस पर उपचार के नाकाफी संसाधन ने मरीजों की जान जा रही है।

बदायूं : सिलहरी क्षेत्र में बुखार का प्रकोप और उस पर उपचार के नाकाफी संसाधन ने मरीजों की सांसों पर प्रहार शुरू कर दिया। महज 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग ब्लॉक में सात लोगों की जिंदगी इस बुखार ने छीन ली। असमय काल के गाल में समाए लोगों में चार सालारपुर के और दो जगत ब्लॉक के हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया।
सालारपुर में सबसे ज्यादा प्रकोप
बरसात और संक्रमण ने पूरे जिले को चपेट ले रखा है, लेकिन सबसे ज्यादा प्रभावित सालारपुर क्षेत्र है। क्षेत्र के गांव लाही फरीदपुर की नगीना बेगम (30) पत्नी शकील, 50 वर्षीय कृतिका देवी, शीयाज (17) पुत्र अल्लामियां, खाने (25) पुत्र मुतवल्ली को पिछले तीन-चार दिनों से बुखार था। सरकारी अस्पताल से इलाज न मिला। निजी चिकित्सक को दिखाया। तीन दिन तक तपते इन लोगों की गुरुवार रात मौत हो गई। एक ही गांव में चार मौतों से कोहराम मच गया।
जगत में छीनी दो जिंदगी, दर्जनों बीमार
उधर, जगत क्षेत्र के सराय पिपरिया गांव में छोटेलाल (40) और अनीता (30) पत्नी हंसराज की शुक्रवार शाम को बुखार के कारण मौत हो गई। जबकि इन गांवों के बलराम, भीकम, सुनीति, नेहा, रश्मि, इकबाल, मोअज्जम, वसीम, नैना आदि दर्जनों लोग बुखार से तप रहे हैं।
दातागंज में बुजुर्ग महिला की मौत
संस, दातागंज : बुखार ने इस क्षेत्र को भी चपेट में ले लिया। क्षेत्र के गांव कुंडरा खरसाई में 60 वर्षीय शरबती पत्नी जगदीश की तीन दिन से बुखार में तपने के बाद मौत हो गई। उनका निजी डॉक्टर से इलाज चल रहा था। लगभग 20 से अधिक लोग इस कुंडरा और आसपास के गांव में बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सक की राय
इन दिनों मौसमी बुखार बढ़ रहा है। जलभराव और बारिश के पानी के जमाव के कारण मच्छर पनपते हैं। इससे मलेरिया भी फैल रहा है। लोग भी ध्यान दें
-घरों, गली के आसपास जलभराव न होने दें
-जलभराव है तो कीटनाशक डाल दें
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, ताकि मच्छरों के संपर्क में त्वचा न आए
-जाड़ा देकर बुखार आए तो सीधे स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मलेरिया की जांच कराएं
वर्जन..
मलेरिया में प्लेटलेट कम हो जाते हैं, लेकिन इसे डेंगू न मानें। डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। अभी तक केवल वायरल और मलेरिया के मरीज ही आ रहे हैं।
-डॉ. आशु अग्रवाल, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल
