जेएनएन, बदायूं : शहर में मानक विपरीत बिछाई गई अंडरग्राउंड केबल के मुद्दे पर बिजली विभाग खामोश हो गया है। जबकि राजनीतिक और सामाजिक संगठन लगातार इस मुद्दे को उठा रहे है। ऐसे में बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने शुरू हो गए है। शायद बिजली विभाग किसी बड़े हादसे के इंतजार में है। युवा मंच संगठन के पदाधिकारियों ने जल्द ही बिजली विभाग के खिलाफ जनआंदोलन करने की चेतावनी दी है।

200 करोड़ की लागत से सपा शासन काल में बिछाई गई अंडर ग्राउंड केबल अब मौत का सामान बन रही है। ये मौत की केबल कई बेजुबां पशु पक्षियों की जान लेने के बाद अब इंसानों के जान से भी खिलवाड़ करती हुई नजर आ रही है। गत दिनों मीराजी चौकी के समीप शिक्षक की मौत के बाद एक बछड़े की करंट से मौत हो गई। इस मामले को सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों द्वारा जोर शोर से उठाया गया। बावजूद बिजली विभाग के कान में जूं तक नहीं रेंगी। इस मुद्दे को लेकर पूर्व मंत्री आबिद रजा ने भी प्रमुख सचिव ऊर्जा को पत्र लिखकर शिकायत की है। इससे पूर्व भी वह अंडरग्राउंड केबल की खराब गुणवत्ता को लेकर शिकायत कर चुके है। इधर, युवा मंच संगठन के पदाधिकारी लगातार इस मुद्दे को उठाकर बिजली विभाग समेत राजनितिक जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है लेकिन अब तक इस मुद्दे पर सत्ता के जनप्रतिनिधि भी चुप्पी साधे हुए है। बुधवार को युवा मंच संगठन द्वारा शहीर पार्क में मुंह पर टेप लगाकर मौन रखा गया है। मांग थी कि शहर में बिछाई गई अंडर ग्राउंड केबल को जल्द से सही कराया जाए।

अंडरग्राउंड केबल से दहशत

शहर के संकरी गली मुहल्लों से लेकर मुख्य रोड पर अंडर ग्राउंड केबल मकड़जाल की तरह बिछाई गई है। जगह-जगह अंडर केबल के पैनल बाक्स खुले पड़े है तो कहीं उनके लाइन जमीन के बाहर निकली पड़ी है। इस बीच बरसात हो रही है। जिसको लेकर शहरवासी करंट के डर के माहौल में जी रहे है। शहर के लोग अंडर ग्राउंड के करंट से दहशत में है। हाल में हुई शिक्षक की मौत के बाद लोगों ने अंडर ग्राउंड केबल को शहर के उखाड़ फेंकने की बात कहीं है। वर्जन ::

शहर में अंडरग्राउंड केबल का काम दो साल पहले पूरा करा दिया गया था। मीटर किसी दूसरी संस्था को लगाने थे, जो समय से कार्य पूरा नहीं किया। इसकी वजह से कई स्थानों पर लगे केबल बाक्स और केबल डैमेज हो गई। जहां कमियां मिली थीं उन्हें दुरुस्त करा दिया गया है। कुछेक जगह जहां केबल बाक्स के ढक्कन नहीं हैं वहां तेजी से काम कराया जा रहा है।

- देवेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर