जागरण संवाददाता, बदायूं : आसाराम को दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा हुई है। टीवी पर यह समाचार सुनते ही लोग उत्सुक हो गए। कोर्ट के सजा सुनाने पर सभी ने सराहा। लोगों का कहना है कि धर्म के नाम पर ठगी करने वालों से समाज का मोह भंग होगा। वास्तविकता भी समझ सकेंगे। हर किसी की जुबान पर यही था कि इस तरह के मामलों में लिप्त आरोपितों के खिलाफ इसी तरह की सजा मिलनी चाहिए। शाहजहांपुर के परिवार के संघर्ष की सराहना भी की गई। संस्कार भारती से जुड़े डॉ.विष्णु प्रकाश मिश्र कहते हैं कि आसाराम की पोल खोलने वाली बहादुर बिटिया ने शेरनी का काम किया है। संस, बिसौली : अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्टीय अध्यक्ष माधव मिश्र ने कहा कि आसाराम को मिली सजा के लिए जायज ठहराया। कहा कि ऐसे साधू ढोंग कर पूरे साधू समाज को बदनाम कर रहे हैं। आज अध्यात्म को धंधा बना दिया गया है। सनातन धर्म में संस्कार और आचरण पर विशेष जोर दिया गया है। आदि शंकराचार्य ने कहा है कि दुर्जन सज्जन बने, सज्जन शांतजन बने, शांतजन बंधन मुक्त हों, बंधनमुक्त अन्य को बंधन मुक्त करें।

आसाराम के भक्तों में छायी मायूसी

संसू, उझानी: न्यायालय का फैसला आते ही आसाराम के भक्तों में मायूसी छा गई। वहीं आश्रम में सन्नाटा पसर गया। आश्रम में किसी तरह की चहल कदमी दिखाई नहीं दी। नगर के मिल कंपाउंड स्थित आसाराम का विशाल आश्रम है, जिसमें सेवादार रहते हैं। न्यायालय से पूर्व आसाराम भक्तों को विश्वास था कि आसाराम निर्दोष है वह आज बरी हो जाएंगे। जिसको लेकर एक भक्त ने मिठाई बांटने की पूर्ण तैयारी कर रखी थी। जैसे ही न्यायालय का फैसला आया और मालूम हुआ कि आसाराम को न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा को सुनाया गया। वैसे ही आसाराम के समर्थकों में मायूसी दौड़ गई। मिष्ठान वितरण की सारी तैयारियां धराशायी होकर रह गई। आसाराम के आश्रम में सन्नाटा पसर गया। किसी तरह की कोई चहल कदमी नजर नहीं आई। जिसको लेकर नगर में व्यापक चर्चा रही।

महिलाओं की बात :: फोटो 25 बीडीएन 35

आसराम को उम्रकैद की सजा देना कोर्ट का फैसला सराहनीय है। इससे बेटियों और महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकने में मदद मिलेगी। समाज के लोग अब किसी आंडबरी के पीछे भागने से पहले सोचेंगे। आसाराम से टकराकर सजा दिलाने वाली बेटी का त्याग भी याद रखा जाएगा।

- गार्गी देवी

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धार्मिक आयोजनों में जाने की महिलाओं को आसानी से छूट दी जाती रही है, लेकिन आसाराम जैसे लोगों ने धार्मिक लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। आसाराम को सजा मिल चुकी है, दूसरे द¨रदों को भी इसी तरह की सजा मिलनी चाहिए।

- सोनी गुप्ता

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आस्था के नाम पर समाज को धोखा देने वाले आसाराम को सही सजा मिली है। इस तरह के चरित्र वाले संतों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस मामले से महिलाओं का भी मनोबल बढ़ेगा, किसी को सजा दिलाने में संकोच नहीं करेंगी।

- राजरानी ¨सह

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आसाराम को सजा दिलाने वाली बेटी का संघर्ष सरानीय है। यह समाज के लिए प्रेरणा बनेगी। आसाराम के प्रभाव को तोड़कर उसने जिस तरह से बगावत की वह काबिले तारीफ है। दुष्कर्म के आरोपित को सही सजा मिली है।

- रेनू रावत फोटो 25 बीडीएन 40

धर्म के नाम पर सामज को ठगने की पोल खुल गई है। आसाराम को सजा हो जाने के बाद अब आम आदमी अपनी बहू-बेटियों को किसी संत के पास नहीं छोड़ेगा। समाज में कुछ अच्छे संत भी हैं, लेकिन आसाराम जैसे पाखंडी संतों ने उन्हें भी संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है।

- डॉ.लता मिश्रा, शेरनी संस्था की अध्यक्ष

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आसाराम को सजा मिलने से बेटियों और महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं पर अंकुश लगेगा। ढोंगी संतों को शह देने के बजाय अब समाज के लोग सवाल कर सकेंगे। आस्था के नाम पर डराने वालों का खौफ खत्म हो जाएगा। कोर्ट का फैसला सराहनीय है, शाहजहांपुर की बेटी के संघर्ष को भी सलाम।

- निशा सक्सेना, उपाध्यक्ष मानवाधिकार संस्थान

Posted By: Jagran

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