जेएनएन, दहगवां (बदायूं) : गांव में रिटायर्ड शिक्षक समेत दो लोगों के यहां हुई डकैती की वारदात में दहगवां चौकी पुलिस ने डकैती की वारदात दबाने की हर संभव कोशिश की। काफी देर तक पीड़ित परिवार को धमकाया। रिटायर्ड शिक्षक की विवाहित बेटी के हाथ से मोबाइल छीनकर उन्हीं पर दोष लगाया। कहा कि तुमने ही बदमाश बुलाए थे, बाद में उनका नंबर डिलीट कर दिया। पीड़ित पक्ष ने एसओ राकेश चौहान को सच्चाई बताई।

दहगवां पुलिस चौकी प्रभारी समेत उनके सहयोगी के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर भी उन्होंने लोगों को जमकर धमकाया था। कुछ जगह अवैध वसूली करने की भी बात सामने आई थी। पुलिस के इसी रवैये की वजह से आपराधिक प्रवृति के लोगों को वहां बल मिला और वह वारदातों की योजना बनाने लगे। मौके की तलाश थी जो रविवार की रात उनको मिल गया। भुक्तभोगियों का कहना है कि पुलिस चाहती तो डकैत पुलिस की गिरफ्त में ही होते। इलाकाई है गिरोह

दहगवां में डकैती की वारदात को अंजाम देने वाला गिरोह इलाकाई है। इस बात का दावा कुछ लोग कर रहे हैं। पीड़ित पक्ष की मानें तो उनकी भाषा भी स्थानीय थी। वह गिरोह कब से यहां सक्रिय है इसके बारे में पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस तो डकैती की वारदात ही मानने को तैयार नहीं है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस