जेएनएन, सहसवान (बदायूं) : ई-रिक्शा पर घर से कचहरी आ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता से पुलिस ने अभद्रता की। विरोध करने पर मारपीट कर घायल कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं में रोष फैल गया। उन्होंने एसडीएम, सीओ के साथ ही न्यायिक अधिकारियों से इसकी शिकायत की। वकीलों ने घायल अधिवक्ता का मेडिकल परीक्षण कराया।

सोमवार सुबह करीब साढे 10 बजे वरिष्ठ अधिवक्ता एसएनआर नकवी उर्फ सिबतैन असगर ई-रिक्शा से घर से कचहरी आ रहे थे। उनका मास्क ई-रिक्शा में गिर गया था। आरोप है कि मुख्य बाजार चौराहे पर खड़े कोतवाल और तीन सिपाहियों ने मास्क न पहने होने पर उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट कर घायल कर दिया और जीप में डाल कर थाने ले गए। मामले की जानकारी जब वकीलों को हुई तो मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस के खिलाफ वकील एकजुट हो गए। वकीलों ने इसकी शिकायत एसडीएम लाल बहादुर, सीओ रामकरन सरोज से की। आरोप है कि सीओ ने भी पुलिस का पक्ष लिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक मजिस्ट्रेट से शिकायत की। न्यायिक मजिस्ट्रेट के हस्तक्षेप करने पर पुलिस ने वकील को थाने से छोड़ दिया। गुस्साए वकीलों ने अस्पताल पहुंचकर घायल वकील का मेडिकल परीक्षण कराया। वकील के शरीर पर कई चोटें आई हैं। घटना को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वकीलों ने उच्च न्यायालय, जिला जज बदायूं, न्यायिक मजिस्ट्रेट सहसवान के अलावा पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत कर दोषी कोतवाल, पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही सीओ के स्थानांतरण की भी मांग की है। वकीलों का कहना है कि मंगलवार को बैठक कर अग्रिम रणनीति पर विचार किया जाएगा। इस संबंध में एसपी देहात डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि एक बुजुर्ग वकील ई-रिक्शा पर जा रहे थे। मास्क न लगाने पर इंस्पेक्टर ने टोका था, इस पर वह उल्टे पुलिस पर बिगड़ने लगे थे। इंस्पेक्टर ने उनसे किसी तरह की कोई अभद्रता नहीं की थी, आरोप निराधार हैं।

Posted By: Jagran

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