बदायूं, जागरण संवाददाता। जिले में धान खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन,छह दिन में एक दाना भी धान किसी भी क्रय केंद्र पर नहीं खरीदा गया है। धान कटाई तेज होने लगी है, अगर गुरुवार को वर्षा नहीं होती तो धान कटाई की रफ्तार और बढ़ गई होती। धान कटने के बाद मंडियों में आढ़तियों के यहां पहुंच रहा है। इसका कारण यह है कि मंडी में धान की कीमत सरकारी रेट से करीब डेढ़ गुना अधिक है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो सरकार गेहूं खरीद की तरह ही धान खरीद में भी लक्ष्‍य से काफी पीछे रह जाएगी।

शहर से देहात तक बने 39 सरकारी खरीद केंद्र

जिले में शहर से देहात तक संचालित किए गए सभी 39 धान खरीद के क्रय केंद्रों पर आज भी सन्नाटा पसरा रहा। किसी भी केंद्र पर धान का एक दाना नहीं पहुंचा है। जबकि आड़तियों की आढ़तों पर धान की तौल लगातार हो रही है। इससे साफ है कि किसान का गेहूं खरीद की तरह धान खरीद को लेकर भी सरकारी सिस्टम के प्रति रूझान कम है। यहां पंजीकरण की संख्या भी कम है। वर्तमान हालत तो ऐसे हैं जैसे गेहूं खरीद में हालात बने थे।

बाजार में मिल रहा सरकारी रेट से काफी अच्‍छा भाव

बाजार से ज्यादा मंडियों में आढ़तियों ने धान रखा है। मंडियों और स्पेलरों पर धान की खरीद होने लगी है। किसान का धान जो मोटा धान है और क्रय केंद्रों पर खरीदा जा सकता है मगर वह मंडियों में पहुंच रहा है। मंडियों में मोटा धान 2700 रुपये क्विंटल से लेकर 3000 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है जबकि क्रय केंद्रों पर 2040 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा जा रहा है। इसके लिए तमाम प्रक्रिया पूरी करनी पड़ रही है। किसान इसीलिए झंझट से बचते हुए सीधे बाजार में धान बेचकर अच्‍छा पैसा कमा रहे हैं। 

उझानी, वजीरगंज, बिल्सी मंडी में बिक रहा धान

जनपद में धान पक चुका है और कटाई के साथ ही पांच प्रतिशत धान मंडियों में पहुंचने लगा है। जिले भर का धान प्रमुख मंडियों में आड़तियों के यहां बिक रहा है। आड़तियों के यहां अभी सभी धान का रेट काफी अच्छा है। जनपद की उझानी, बिल्सी, वजीरगंज, म्याऊं मंडी में सबसे ज्यादा किसानों का धान बिक रहा है।

बिल्सी मंडी में धान खरीद केंद्र पर आड़तिया का कब्जा

बिल्सी में क्रय केंद्र तो धान खरीद के लिए खोल दिया है लेकिन वहां रहता कोई नहीं है। वहां केंद्र प्रभारी ने बैनर लगा दिया है और लौटकर नहीं देखा है। जबकि उस आड़त और टीनशेड पर आड़तिया का कब्जा है आड़तिया अपनी आलू की बिक्री कर रहा है। पहली बात तो क्रय केंद्रों पर धान पहुंचा नहीं है बाकी ऊपर से केंद्र बंद पड़ा है इसलिए लोग आड़तियों के यहां धान बिक्री कर रहे हैं।

17 प्‍वाइंट से कम चाहिए नमी

सरकारी केंद्रों पर धान लेकर पहुंचने के बाद क्रय केंद्र प्रभारी उसकी नमी मशीन से देखते हैं अगर नमी 17 प्वाइंट से कम है तब तो खरीद लेंगे अगर उससे ज्यादा है तो धान नहीं खरीदा जाएगा। जबकि किसान मंडियों और आड़तियों के यहां बिना किसी नमी देखे एक हजार से 800 रुपये अधिक पर धान बिक रहा है।

क्‍या बोले जिम्‍मेदार

विपण अधिकारी अतुल कुमार वशिष्‍ठ ने कहा कि मंडियों में मोटा धान कम पतला ज्यादा पहुंच रहा है। बाकी धान कटाई अभी बहुत कम हुई है। धान की खरीद केंद्रों पर करीब दो सप्ताह बाद ही ठीक से हो पाएगी।

Edited By: Vivek Bajpai

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