बदायूं, जागरण संवाददाता। बाल विकास विभाग के लिए योगी सरकार ने नया आदेश दिया है। शासन ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से जनप्रतिनिधियों के नाम चयनित कर सूची मांग ली है। सरकार अब जनप्रतिनिधियों को विद्यालयों की तरह आंगनबाड़ी केंद्र भी गोद देने वाली है। ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत में सुधार आ सके।

सरकार ने व्यवस्था की है कि अब जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, निकाय चेयरमैन, ब्लाक प्रमुख सहित जनप्रतिनिधियों को एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र गोद दिया जाएगा। आंगनबाड़ी केंद्र गोद देने के बाद जनप्रतिनिधि जाएंगे और गंभीरता लेंगे इसके बाद केंद्र की व्यवस्थाएं और ज्यादा सुधर सकती हैं।

इसको लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों से चयनित गांव का नाम पूछा है। जिससे सभी के गांव व केंद्र के नाम चयनित कर शासन को भेजी जा सकें। फिर इन केंद्रों की मानीट्रिंग पूरी तरह जनप्रतिनिधि करेंगे।

प्रगति बताएंगे अधिकारी

जिले में जिन अधिकारियों ने आंगनबाड़ी केंद्र गोद ले रखे हैं। वह अब हर महीने अपने गोद लिए केंद्र पर क्या कराया गया इसकी प्रगति बताएंगे। जिला पोषण समिति की एक से छह तारीख के बीच बैठक होगी। समिति की अध्यक्ष डीएम हैं, वह इसकी प्रगति सभी गोद लिए अधिकारियों से पूछेंगीं। वहीं इसको लेकर सीडीओ ने आदेश जारी कर दिया है।

गोद लिए विद्यालयों में भी कमियां

आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत सुधारने को लेकर जिले में 213 केंद्र 71 अधिकारियों ने गोद ले रखे हैं। इन केंद्रों की जिम्मेदारी डीएम से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों को दे रखी है। इसके बाद भी तमाम केंद्र ऐसे हैं जहां रंगाई, पुताई, बिजली कनेक्शन न होना, शौचालय न होना, पेयजल की दिक्कत होना, आंगनबाड़ी शिक्षा देने में कमी होना जैसी स्थिति है।

क्‍या कहते हैं अधिकारी

जिला कार्यक्रम अधिकारी तरुण वर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर सरकार का फोकस है अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्र पहले से गोद लिए हैं अब जनप्रतिनिधियों को गोद दिए जाएंगे। शासन से पूछा गया है कि जनप्रतिनिधियों के आंगनबाड़ी केंद्र गोद देकर सूची उपलब्ध कराएं। सभी सांसद-विधायक सहित जनप्रतिनिधियों से आंगनबाड़ी केंद्र के नाम मांगे गए हैं।

Edited By: Vivek Bajpai

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