जेएनएन, उझानी (बदायूं) : पहली बार मालगाड़ी से गेहूं बांग्लादेश भेजने को लेकर रेलवे अफसर तीन दिन से उत्साहित थे। लेकिन, विभागीय आदेश मिला कि अभी ट्रेन को रवाना नहीं करें। इससे सभी का उत्साह ठंडा हो गया। हालांकि विलंब से हुए लदान के कारण व्यापारी को 55.12 लाख रुपये माल भाड़ा के अलावा 1,95,300 रुपये विलंब शुल्क भी देना पड़ा है। मालगाड़ी अब तैयार खड़ी है। आला अधिकारियों के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

उझानी रेलवे स्टेशन से दूसरे प्रांतों से खाद्यान्न का आयात-निर्यात होता रहा है। लेकिन, यहां से विदेश खाद्यान्न भेजने का यह पहला मौका है। बरेली के व्यापारी राजीव खंडेलवाल और स्थानीय व्यापारी रतन जिदल के प्रयास से स्थानीय व्यापारियों का 2,471 मीट्रिक टन गेहूं बांग्लादेश भेजा जा रहा है। मंगलवार दोपहर दो बजे मालगाड़ी रवाना होनी थी। लेकिन, समय पर लदान नहीं हो सका। फिर रात दस बजे का समय निर्धारित किया। तब तक लदान तो पूरा हो गया। लेकिन, विभागीय तकनीकी कारणों से रवानगी नहीं की जा सकी। लदान में विलंब होने का खामियाजा व्यापारी को एक लाख 95 हजार तीन सौ रुपये विलंब शुल्क देकर भुगतना पड़ा है। फिलहाल अब रेलवे विभाग की जिम्मेदारी है। मालगाड़ी यहां से कब रवाना होगी अभी रेलवे के स्थानीय अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। माल अधीक्षक आलोक गिरि ने बताया कि गेहूं लोड कराने के बाद मालगाड़ी लाइन नंबर चार से तीन पर आ चुकी है। कामर्शियल रिलीज रात नौ बजे परिचालन विभाग को दिया है। मालगाड़ी की रवानगी के बारे में आला अफसर बता सकेंगे। वाणिज्य अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि माल का लदान करने में 31 घंटे विलंब हुआ। माल भाड़ा के अलावा विलंब शुल्क भी जमा कराया जा चुका है। स्टेशन मास्टर विपिन कुमार ने बताया कि मालगाड़ी बांग्लादेश पहुंचने के लिए 72 घंटे की छूट थी। फिर 48 घंटे की और छूट मिल गई थी। अब मालगाड़ी की रवानगी अफसरों के निर्देशानुसार की जाएगी।

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