विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब बुखार किशोरी समेत तीन को निगल गया

By JagranEdited By:
Published: Thu, 30 Aug 2018 01:24 AM (IST)

जिले में फैले जानलेवा बुखार से रोजाना किसी न किसी की जान जा रही है।

अब बुखार किशोरी समेत तीन को निगल गया
अब बुखार किशोरी समेत तीन को निगल गया

सिलहरी : जिले में फैले जानलेवा बुखार से रोजाना किसी न किसी की जान जा रही है। अब किशोरी समेत तीन लोगों ने इस बुखार की चपेट में आकर जान गंवा दी। वहीं बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं और इस उम्मीद में हैं कि कब स्वास्थ्य महकमा जागेगा और उन्हें इससे निजात दिलाएगा। वहीं स्वास्थ्य महकमा गांवों में टीम तब भेज रहा है, जब वहां एक या दो मौतें हो जाती हैं।

ब्लॉक जगत क्षेत्र के गांव गिधौल निवासी पूरनलाल मौर्य की 22 वर्षीय पुत्री सुमन उझानी के संजरपुर गांव स्थित अपनी ससुराल से राखी बांधने के लिए मायके आई थी। यहां वह बुखार की चपेट में आ गई। निजी डाक्टर से इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि तीन महीने पहले ही सुमन की शादी हुई थी।

इधर, कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बर्खिन में महीपाल की आठ साल की बेटी की मंगलवार देर रात बुखार की चपेट में आकर मौत हो गई। थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव सराय पिपरिया निवासी केदार की 65 वर्षीय पत्नी कृपा देवी उर्फ कृतिका देवी कई दिन से बुखार से ग्रसित थीं। झोलाछापों के यहां उनका इलाज चल रहा था जो कारगर साबित नहीं हुआ। नतीजतन उनकी भी मौत हो गई। जबकि इन्हीं गांवों में सैकड़ों की तादात में लोग बीमार हैं।

कैल्हाई में भी फैला रोग, नहीं पहुंची टीम

संस, दातागंज : समरेर ब्लाक के गांव कैल्हाई बुखार से दर्जनों ग्रामीण जूझ रहे हैं ग्राम प्रधान की सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जाने की जहमत नहीं उठाई बुखार का हाल ही है एक-एक घर में तीन से चार लोग बीमार पड़े हुए हैं। वहीं महकमा शायद मौतों का इंतजार कर रहा है। चार दिन से गांव में बुखार में दर्जनों लोग बीमार पड़े हुए हैं ठंड के साथ तेज बुखार ग्रामीणों को आ रहा है मौजूदा प्रधान के घर में पांच लोग बुखार में पड़े हुए हैं। जिनमें अमित, शिवकुमार, सुधांशु, अमन, अंशिका इसके अलावा एक ही घर में हरपाल धर्मेंद्र श्रीपाल हाकिम धर्मवीर सगे भाई बुखार की चपेट में है इसके अलावा दर्जनों लोग बुखार में परेशान है गांव में झोलाछाप के सहारे ग्रामीण अपना इलाज करवा रहे हैं समरेर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव की ओर मुड़ कर नहीं देखा। वर्जन

जिला स्तरीय टीम समेत ब्लाक की टीम भी हर गांव में भेजी जा रही है। सभी एमओआइसी को यह निर्देश भी दिया है कि अगर कोई दवा कम पड़ रही हो तो रोगी कल्याण समिति के बजट से उसे खरीदकर तत्काल इलाज कराया जाए। जहां भी सूचना मिल रही है टीमें भेजी जा रही हैं।

- डॉ. आशाराम, सीएमओ