बदायूं : भाई की जमीन व मकान पर कब्जे करने की नीयत के चलते की गई गैर इरादतन हत्या में कोर्ट भाई, भतीजे व अन्य को दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही हत्यारोपितों पर 11-11 हजार का जुर्माना लगाया। जनपद संभल के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी रामादेवी पत्नी राधेश्याम ने 26 जुलाई 2009 को थाने में तहरीर दी। जिसमें कहा था कि उसके पति राधेश्याम से एक लड़की का जन्म हुआ था। जिसकी शादी उसने करीब चार साल पहले लहरा रतू थाना रजपुरा में ही कर दी। अब वह व उसके पति अकेले ही गांव में रहते हैं। उसके पति के हिस्से की जमीन को उसका देवर महावीर पुत्र पर्वत यादव हड़पना चाहता है। इसलिए महावीर व उसके लड़के घर वाले उसे व उसके पति राधेश्याम को परेशान कर मारपीट करते हैं। 26 जुलाई की सुबह वह व उसके पति घर में मौजूद थे। इसी दौरान आरोपित महावीर, उसका पुत्र किशनपाल व उसकी पत्नी शीला पत्नी महावीर, रामाकांता पत्नी स्वर्गीय रगवीर यादव लाठी-डंडे लेकर उसके घर में घुस आए और उसके पति को लाठी डंडों से पीटने लगे। सिर में गंभीर चोटें आने की वजह से उसके पति राधेश्याम 50 वर्ष बेहोश हो गए। शोर पर दूसरे देवर कल्यान, रामौतार आ गए। पीएचसी रजपुरा से राधेश्याम को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज को रेफर कर दिया गया। जहां पहुंचते ही उनकी मौत हो गई थी। कोर्ट में महावीर पुत्र पर्वत यादव, किशनपाल पुत्र महावीर, रामाकांता पत्नी स्वर्गीय रगवीर यादव निवासी केसरपुर थाना रजपुरा पर राधेश्याम की गैर इरादतन हत्या करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष सात की न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। सरकारी वकील मुकेश यादव व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद कोर्ट ने पिता-पुत्र समेत तीन को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप