जेएनएन, बदायूं : दिल्ली में हुए निर्भया कांड के दोषियों को फांसी दिए जाने से यहां कटरा सआदतगंज कांड की यादें ताजा हो गईं। यहां भी दबंगई की हदें पार करते हुए घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया था। दो चचेरी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या के बाद शवों को फंदे पर लटकाए जाने की एफआइआर दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों और तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। घटना को लेकर सड़क से संसद तक बवाल मचा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कटरा कांड उछला। इसके बाद मामले की जांच सीबीआइ ने की तो कई महीनों की तहकीकात के बाद सीबीआइ ने इस घटना में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। सीबीआइ की ओर से कोर्ट में दाखिल की गई क्लोजर रिपोर्ट को वादी पक्ष ने कोर्ट में चुनौती दी तो अदालत ने उसमें नए सिरे से सुनवाई शुरू की। शुक्रवार की सुबह जैसे ही निर्भया कांड के चारों गुनाहगारों को फांसी दिए जाने की खबर मीडिया में सुर्खियां बनी तो स्थानीय स्तर पर हुए कटरा कांड की यादें सभी के जेहन में ताजा हो गईं। इंसेट ..

कटरा कांड से लगा था बदायूं पर बदनुमा दाग

- कटरा सआदतगंज कांड जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछला तो बदायूं का गौरवमयी किरदार पर बदनुमा दाग लगा था। उस वक्त देश भर में यही घटना सभी की जुबां पर थी। इस कांड के बाद यहां के युवा और छात्रों को गैर राज्यों में काफी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी। उनको वहां किराए पर कमरे मिलने बंद हो गए तो कई जगह प्राइवेट सेक्टरों से भी युवाओं को नौकरी से निकाल दिया गया था। पिछले साल रिलीज हुई मूवी टायलेट एक प्रेमकथा में भी कटरा कांड का जिक्र किया गया था। इसके बाद आर्टिकल 15 मूवी भी इसी घटनाक्रम पर बनी थी, जिसका यहां काफी विरोध हुआ था।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस