जेएनएन, बदायूं : योगी सरकार के गोसंरक्षण अभियान को प्रभावी बनाने को नई पहल शुरू की है। इसमें कुपोषित परिवारों को दुधारू गाय दान देकर एक ओर जहां उनकी सेहत सुधारी जा रही है। वहीं, वहीं उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने की भी कोशिश है। जिले में अब तक 2018 परिवारों को दान में गाय दी जा चुकी है। चारे के लिए 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 900 रुपये मासिक अनुदान भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री निराश्रित, बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना में गोवंश आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। जिले में 123 गोशाला में 7000 गोवंशीय पशुओं का संरक्षण किया जा रहा है। गरीब परिवारों को दो वक्त की रोटी का जुगाड़ मुश्किल से होता है। इसलिए ऐसे परिवारों में कुपोषण की समस्या रहती है। अब ऐसे परिवारों को गाय दान में दी जा रही है। इससे उनकी सेहत भी सुधर सके। मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने भी बुधवार को मरौरी गांव का दौरा किया था तब कुपोषित परिवार को गाय दान की थी। इस योजना में गोसंरक्षण के लिए अब तक 50 लाख रुपये का वितरण भी किया जा चुका है।

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पराली दान करने का अभियान

गोवंश आश्रय स्थल में पल रहे गोवंशीय पशुओं को चारे की समस्या नहीं हो। इसके लिए पराली दान का अभियान चल रहा है। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत के आह्वान पर साधन संपन्न लोग ट्रालियों में भरकर गोशाला तक पराली पहुंचा रहे हैं। वर्जन :

जिले में गोसंरक्षण अभियान में अब तक 2818 गरीब परिवारों को दुधारू गाय दान में दी है। उन्हें प्रति माह 900 रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है।

- डा.एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी

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