बदायूं : पथ प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जेनरेटर सिस्टम लगवाया गया था। विशेष तरीके से एलईडी लाइटें भी लगवाई गई थीं। इन लाइटों के लगने से बाजार जगमग हो उठे थे। काफी हद तक अंधेरा दूर हुआ था। मगर, धीरे-धीरे यह लाइटें गायब होने लगीं। सैकड़ों लाइटें अब तक गायब हो चुकी हैं, लेकिन पालिका को इसकी भनक तक नहीं लगी है।

सपा शासनकाल में तत्कालीन चेयरमैन फात्मा रजा ने शहर को अंधेरे से दूर करने के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराया था कि शहर के प्रमुख स्थानों को जेनरेटर से सप्लाई दी जाएगी। वजह थी कि उस वक्त विद्युत सप्लाई काफी खराब थी और शाम ढलने के बाद शहर अंधेरे में डूब जाता था। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर सात जेनरेटर लगवाए गए। इसके बाद अंधेरे में कैद शहर में उजाला हो गया। लाखों रुपये की एलईडी लाइटों से शहर जगमग हो उठा। निजाम बदलने के बाद व्यवस्था को पुराने ढर्रे पर रखने के बजाए उसकी ओर ध्यान ही नहीं दिया गया। कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो रातों-रात वह एलईडी लाइटें गायब होने लगीं। मौजूदा वक्त में काफी लाइटें बाजारों से गायब हो चुकी हैं, लेकिन पालिका प्रशासन कुछ भी करने को तैयार नहीं है।

वर्जन ..

जेनरेटर सिस्टम से एलईडी लाइटें जो लगवाई थीं वह उनके समय की बात नहीं है। फिर भी जहां-जहां लाइटें लगी थीं वहां से अगर लाइट गायब हुई हैं तो वह जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।

- संजय तिवारी, ईओ नगर पालिका परिषद

Posted By: Jagran

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