बदायूं, जेएनएन: कोरोना की आफत कम हुई तो अब मलेरिया जानलेवा साबित हो रहा है। अब तक सरकारी आंकड़ों में तो किसी की मौत नहीं हुई। जिले में अब मलेरिया के साथ ही फैल्सीपेरम के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। बुधवार को जहां मलेरिया के 30 मरीज मिले वहीं जानलेवा फैल्सीपेरम के भी पांच मरीज मिले हैं। अब जिले के चार संवेदनशील ब्लाकों तक नहीं, बल्कि अन्य ब्लाकों के गांवों में भी मलेरिया के मरीज बढ़ रहे हैं।

बुधवार को जिले के अलग अलग स्थानों पर 22 शिविर लगाए। जिला अस्पताल में भी मरीजों की जांच की गई। जिले में बुधवार को कुल 1811 लोगों की जांच की गई, जिसमें मलेरिया के 30 मरीज मिले हैं, वहीं फैल्सीपेरम के पांच मरीज मिले। इसमें सबसे ज्यादा मरीज समरेर ब्लाक के गांव रुकुमपुर और जगत ब्लाक के नवाबनगला में मिले हैं। बता दें कि बुधवार को हुई जांचों में दातागंज के पारा में एक, कुड़ा में एक, बसेला में एक, सलारपुर के सिलहरी में एक, बिचरुइया में एक, जगत के महोरा में एक, नवाबनगला में तीन, दहगांव के टखोरा में एक, कादरचौक के गंगपुर में एक, बिसौली के हरीपुर में एक, बिसौली में एक, रायपुर में एक, वजीरगंज में एक, म्याऊं के अलापुर में एक, सहसवान के कोटा में एक, वजीरगंज के सैदपुर में एक, जगत के उझानी में एक, उसावां के के लिलवा में एक, उझानी के गौतमपुरी में एक, समरेर के रुकुमपुर में पांच, वजीरगंज के गगरैया गौटिया में एक, म्याऊं के मनसा नगला में एक, अभिगांव में एक, वजीरगंज के सैदपुर में दो मरीज मलेरिया के मिले हैं। वहीं जगत के जगुआसाई में दो, सलारपुर के हसननगर में दो, जगत के नवाबनगला में एक मरीज फैल्सीपेरम का भी मिल है। जिले में बढ़ती मलेरिया मरीजों की संख्या को देखते हुए देर शाम जिलाधिकारी दीपा रंजन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिशा निर्देश भी दिए।

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