जेएनएन, बदायूं : शहर में फैले अवैध होर्डिंगों के मकड़जाल के खिलाफ गुरुवार को नगर पालिका ने बड़ी कार्रवाई की। दैनिक जागरण ने अक्टूबर में होर्डिग से बदसूरत हो रही शहर की सूरत को दिखाया था। इसके बाद से ही अवैध होर्डिंगों को चिन्हित किए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने ईओ का चार्ज संभालने के बाद इसकी रूपरेखा तैयार की और गुरुवार को शहर के कई स्थानों से अवैध होर्डिंगों को हटवाया गया।

नगर पालिका ने विज्ञापन कर का ठेका जून में जन्नत इंटर प्राइजेज को 4.75 लाख रुपये में दिया था। इसके बाद भी ठेकेदार और नगर पालिका की उदासीनता के चलते शहर में अवैध होर्डिंगें लगती रहीं। शहर में मनमाफिक स्थान पर एडवरटाइजिग एजेंसियों द्वारा यूनीपोल और खंभे लगाकर होर्डिंग लगा दी गईं थी। यह स्थिति तब थी, जब नगर पालिका ने मात्र 23 स्थान ही चिन्हित किए गए थे। दैनिक जारगण ने होर्डिंगों के मकड़जाल को लेकर अभियान चलाया तो अवैध होर्डिंगों को चिन्हित किया गया। इसमें पाया गया कि शहर के पुलिस लाइन तिराहे, रोडवेज के पास, इंदिरा चौक, लावेला चौराहा, दातागंज तिराहे, नवादा तिराहे, कलेक्ट्रेट तिराहा, जेल तिराहा, सरकारी अस्पताल रोड आदि समेत कई स्थानों पर अवैध होर्डिंग लगे पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने इन्हें चिन्हित कराया। इसके बाद शुक्रवार को जन्नत इंटरप्राइजेज के राजेंद्र मथुरिया को साथ लेकर इन सभी होर्डिंगों को हटवाया गया। प्रशासन को पहले से ही अंदाजा था कि इसे लेकर विरोध होगा, इसके चलते पुलिस बल का भी इंतजाम किया गया। शहर की कई एडवरटाइजिग एजेंसी संचालकों ने सिटी मजिस्ट्रेट के सामने विरोध दर्ज कराया, लेकिन उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए कार्रवाई रोकने से साफ इन्कार कर दिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार के साथ सिविल लाइंस इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी, कोतवाली इंस्पेक्टर डीएस धामा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। एड एजेंसी संचालकों का आरोप, नहीं दिए गए नोटिस

शहर में संचालित एडवरटाइजिग एजेंसी संचालकों ने होर्डिंग और यूनिपोल हटाए जाने का विरोध किया। अपेक्ट एडवरटाइजिग एजेंसी संचालक अभिषेक व अन्य लोगों ने बताया कि नगर पालिका द्वारा इसके लिए पूर्व में कोई नोटिस तक जारी नहीं किया गया। नगर पालिका के लोग उनका नुकसान करने की मंशा से आए थे। नोटिस जारी किया जाता तो वह अपना नुकसान क्यों होने देते, खुद ही होर्डिंग के जाल आदि हटा लेते। बताया कि वह पिछले दस सालों से यह कार्य कर रहे हैं और पालिका को टैक्स भी जमा करते हैं। अगर टैक्स भी मांगा जाता तो वह भी देने को तैयार थे। नगर पालिका ने विज्ञापन का टेंडर किया है। इसके बाद भी शहर में अवैध होर्डिंग लगे हुए थे, जो कर जमा नहीं कर रहे थे। ठेकेदार की शिकायत के बाद अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग हटवाई गई हैं।

- अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट

Edited By: Jagran