जेएनएन, बदायूं : साउथ अफ्रीका समेत अन्य यूरोपीय देशों में कोरोना संक्रमण के नए वेरियंट मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम और उपचार के सभी संसाधनों की पड़ताल की गई है। मॉक ड्रिल कर संसाधनों को चेक किया गया है। ऑक्सीजन प्लांट से लेकर कंसन्ट्रेटर भी चला कर देख लिए गए हैं। विदेश से आने वाले हर व्यक्ति की निगरानी की जाएगी। उनकी और उनके संपर्क में आए लोगों की जांच होगी। अगर उनमें कोई संक्रमित पाया जाता है तो उनका जिनोम सिक्वेंसिग भी कराई जाएगी।

टीकाकरण में आई तेजी

कोरोना संक्रमण से निजात दिलाने के लिए जिले में टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। दो माह पूर्व तक प्रदेश में पिछड़ा चल रहा बदायूं, अब प्रदेश में 15वें स्थान पर पहुंच गया है। अब तक जिले में कुल 2404715 टीके की डोज लगाई जा चुकी हैं। इसमें 18,25,385 को पहली जबकि 5,79,330 को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। टीकाकरण के तेजी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि बीते दस दिनों में पहली डोज में करीब दो लाख डोज का इजाफा हुआ था। 16 नवंबर को पहली डोज लगवाने वालों की संख्या 16,76,755 थी, जबकि अब 18,25,385 है। इसी तरह दूसरी डोज में भी करीब 1.29 लाख डोज की बढ़ोत्तरी हुई है। 16 नवंबर को दूसरी डोज लगवाने वालों की संख्या 4,50,246 थी, जो अब 5,79,330 है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. मोहम्मद असलम का कहना है कि जिले में बीते दो माह में वैक्सीनेशन के प्रति लोगों की काफी रुचि बढ़ी है।

120 बेडों की संख्या भी बढ़ी

कोरोना संक्रमण दूसरी लहर तक जिले में संक्रमितों के इलाज के लिए कुल 320 बेड थे। जबकि अब जिले में कोविड वार्डों में कुल बेड की संख्या 440 है। इसमें लगभग सभी बेडों तक ऑक्सीजन की पहुंच है। इनमें अकेले मेडिकल कालेज में ही करीब 150 बेडों की संख्या है। इसके अलावा जिले के अन्य एल-1,एल-2 और एल-3 अस्पतालों और रुदायन, आसफपुर और घटपुरी सीएचसी में 30-30 बेड उपलब्ध हैं। कुछ दिन पहले ही मंडलीय निदेशक की मौजूदगी में इनमें मौजूद संसाधनों का मॉक ड्रिल भी किया गया था। जहां संसाधन एकदम दुरुस्त पाए गए। आक्सीजन की अब कोई कमी नहीं

जिले में अब मेडिकल ऑक्सीजन की भी कोई कमी नहीं है। दूसरी लहर के बाद जिले में ऑक्सीजन प्लांट लगवाए गए थे। इसमें मेडिकल कालेज में 1000 प्रति मिनट लीटर के दो, जिला अस्पताल में 1000 प्रति मिनट लीटर का एक और रुदायन व घटपुरी में 165 प्रति मिनट लीटर का एक-एक ऑक्सीजन प्लांट शुरू करा दिया गया है। सभी कोविड अस्पतालों में आक्सीजन कंसन्ट्रेटर भी मौजूद हैं। नए वेरियंट से निपटने के इंतजाम

एपिडेमियोलॉजिस्ट डा. कौशल गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन कोरोना 1500 से 2000 जांच की जा रही हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। केंद्र सरकार के आदेश को प्रदेश सरकार ने भी जारी कर दिया है। विदेश से आने वाले हर व्यक्ति की जांच पहले तो एयरपोर्ट पर ही की जा रही है। इसके बाद जिले में आने पर उनकी जानकारी मिलते ही निगरानी शुरू कर दी जाएगी। संबधित व्यक्ति और उसके संपर्क में आए हर व्यक्ति की कोविड जांच की जाएगी। अगर उनमें कोई पॉजिटिव आता है तो उसकी जीनोम सिक्वेंसिग की भी जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजा जाएगा। वर्जन

यूरोपीय देशों में कोरोना के नए वेरियंट को लेकर संबंधित लोगों को अलर्ट कर दिया गया है। हमारी तैयारी पूरी है। सभी संसाधन तैयार और एकदम सही हैं। अब जिले में ऑक्सीजन की भी कोई दिक्कत नहीं है। - डा. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ

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