बदायूं, जेएनएन: घर में सबसे बुजुर्ग दादी उर्मिला शर्मा की उम्र 86 साल, तो उनके परपोते भानू की उम्र महज डेढ़ साल है। संयुक्त परिवार में 11 लोग हैं। जिनमें तीन पीढ़ी शामिल है। घर में किसी की दाल-रोटी पसंद है तो किसी छोले-चावल और राजमा। चूल्हा एक और खाने वाले 11। फिर भी पूरा परिवार संयुक्त रहकर एकता की मिसाल बरकरार रखे हैं। यह परिवार शहर के कश्मीरी चौक के निवासी विनीत शर्मा का है। दरअसल, यह एक ऐसा परिवार है जो आज के आधुनिक युग में भी संयुक्त परिवार की परिभाषा को पूरा करता है। परिवार में जहां बड़े अपनी जिम्मेदारियां पूरी करते हैं। वहीं छोटे अपने फर्जों की अदायगी निष्ठा के साथ करते हैं। कोरोना ने अपनों से बहुत कुछ छीना है। ऐसे में इस परिवार की इच्छा शक्ति ही उन्हें कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने की हिम्मत दे रही है।

भाग दौड़ भरी जिदगी ने रस्म और रिवाज के साथ संयुक्त परिवारों का विघटन कर दिया है। लेकिन, कोरोना आपदा काल में लोगों को परिवार की अहमियत समझ में आ रही है। एकल परिवार की सोच रखने वाले लोगों के लिए शहर के कश्मीरी चौक निवासी वाले विनीत शर्मा का संयुक्त परिवार एक मिसाल है, जिसमें पड़दादी से लेकर पड़पोते सहित इस परिवार में कुल 11 सदस्य हैं। बदलते वक्त में भी इस परिवार के सभी सदस्य एक ही छत के नीचे हंसी-खुशी और प्यार के साथ रहते हैं। घर में सबसे बुजुर्ग उर्मिला शर्मा के सबसे बड़े बेटे विनीत शर्मा की उम्र 64 वर्ष है। उनकी पत्नी उषा शर्मा है। दूसरे पुत्र संजीव शर्मा 58 वर्ष के थे। जिनका दो वर्ष पूर्व स्वर्गवास हो गया है। उनकी पत्नी लता शर्मा है। इसके अलावा उर्मिला शर्मा के दो नाती नितिन शर्मा उनकी पत्नी प्रियंका शर्मा व सचिन शर्मा उनकी पत्नी छवि शर्मा है। नितिन शर्मा के बेटे हर्ष शर्मा और बेटी निष्ठा शर्मा जबकि सचिन शर्मा के बेटे विराज शर्मा और भानू शर्मा चार पड़पोते-पोती हैं। विनीत शर्मा ने बताया यदि कोई सदस्य फल या अन्य खानापान की सामान खरीदकर लाता है तो उसे उनकी मां उर्मिला शर्मा को सौंपता है। उनकी मां को घर के सभी सदस्य बड़ी मां कहकर पुकारते हैं। उनकी मां ही अपने हाथों से सबको इनका वितरण करती हैं।

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संक्रमण से जीती जंग

25 अप्रैल को विनित शर्मा शर्मा कोरोना संक्रमित हो गए। उन्होंने अस्पताल से ज्यादा घर पर ही स्वजन के देखरेख में कोरोना की दवाओं का सेवन किया। करीब एक सप्ताह बाद उन्होंने कोरोना से जंग जीत ली। उन्होंने बताया, यह सब उनके परिवार की हिम्मत के बदौलत हुआ। परिवार के प्यार और दुआ के आगे कोरोना नहीं टिक सका।

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