बदायूं : जिले में भले ही बुखार का प्रकोप अब कम होता जा रहा हो लेकिन मौतों का सिलसिला जारी है। गुरुवार रात से शुक्रवार देर शाम तक सरालपुर और समरेर ब्लाक क्षेत्रों में पांच लोगों की बुखार से मौत हुई है। जबकि अभी भी सैकड़ों लोग बीमार हैं। जनपद में बुखार से मरने वालों की संख्या अब तक 202 तक पहुंच गई है। लगातार हो रहीं मौतों से जहां साधारण बुखार से ग्रसित मरीज भी घबराए हुए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी वीके शर्मा ने अपनी टीम के साथ दर्जनभर से अधिक गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराया और मरीजों के सैंपल भी लिए। संसू सिलहरी : समरेर ब्लाक क्षेत्र के गांव हसनपुर निवासी शहजाद की 18 साल की बेटी रिहाना और इसी गांव के बाबू की पत्नी नफीसा की बुखार से मौत हो गई। जबकि सलारपुर ब्लाक के गांव औरंगाबाद खालसा निवासी बाल किशन की दो साल की बेटी पूनम की भी शुक्रवार को बुखार से मौत हुई है। संसू, म्याऊं : उसहैत थाना क्षेत्र के गांव नंदेनगला निवासी पोषाकीलाल की बुखार से मौत हुई है। उनका बरेली के अस्पताल में इलाज चल रहा था।

संस, उझानी : गांव कुआडांडा निवासी प्रेमशंकर की नौ साल की बेटी गायत्री की बुखार से शुक्रवार सुबह मौत हुई है।

बदहाल है बिल्सी सीएचसी

संस, बिल्सी : सीएचसी पर बुखार ग्रसित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। एलटी का पद रिक्त होने के कारण जांच रिपोर्ट बनाने में दिक्कत आ रही है। संविदा एलटी के हवाले जांचों की व्यवस्था है। 30 बेड वाले अस्पताल में मरीजों को चादर तक नहीं मिल पा रही है। वहीं बिजली कटने पर जेनरेटर की सुविधा भी नहीं मिल पाती। गंदगी भी काफी मात्रा में है। जबकि दिन ढलते ही यहां तैनात स्टाफ चला जाता है। एएनएम के जरिये ही मरीजों का इलाज किया जाता है। संसू, सैदपुर : इलाके के गांव हतरा में प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत ¨सह समेत टीम पहुंची और शिविर लगाकर मरीजों की दवा बांटी। खून की स्लाइड भी बनाई गई। साथ ही सफाई रखने को भी कहा गया। संसू, उसावां : सीएचसी की टीम ने गांव टिकाई पुख्ता में शिविर लगाकर मरीजों की दवा बांटी। साथ ही खून के सैंपल भी लिए गए।

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