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बदायूं : अदालत ने महिला के मृत्यु से पूर्व मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए, बयान के आधार पर पति, सास, ससुर समेत पांच को उम्रकैद समेत दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि सभी आरोपितों को दहेज उत्पीड़न के आरोप से दोषमुक्त कर दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उझानी के गांव संजरपुर निवासी संतोष कुमार पुत्र भगवान ¨सह ने कादरचौक थाने में तहरीर दी कि उसने अपनी पुत्री प्रीति की शादी समय करीब तीन वर्ष पूर्व अनुज कुमार पुत्र ब्रजपाल ¨सह निवासी ग्राम असरासी के साथ ¨हदू रीति रिवाज के अनुसार की थी। क्षमता के अनुसार दहेज दिया था। लेकिन ससुराल पक्ष उस दहेज से संतुष्ट नहीं थे और आए दिन दहेज की मांग करते हुए प्रीति को प्रताड़ित करते थे। चार जनवरी 2007 समय करीब चार बजे शाम अनुज दामाद, सास राजेश्वरी, ससुर ब्रजपाल तथा विपिन ने मिलकर उसकी लड़की के ऊपर तेल डालकर आग लगायी जिसकी लाश जली हुई दरवाजे पर तड़प रही थी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश देशराज प्रसाद ¨सह की अदालत में अनुज कुमार पुत्र ब्रजपाल दामाद, राजेश्वरी पत्नी ब्रजपाल सास, ब्रजपाल पुत्र लेखराज ससुर, विपिन पुत्र हेत ¨सह निवासीगण असरासी मदन पुत्र चिम्मन निवासी गांव अकटमई पर प्रीति की दहेज हत्या करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। एडीजीसी अनिल कुमार ¨सह राठौर व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के पश्चात हत्या के आरोप में उपरोक्त पांचों को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई।

Posted By: Jagran

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