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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 28, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गांवों में फैला बुखार, दो बच्चियों समेत चार की गई जान

By JagranEdited By:
Published: Tue, 28 Aug 2018 12:09 AM (IST)

बारिश के बीच संक्रामक रोगों की चपेट में कई गांव हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं। चार की मौत हो गई।

गांवों में फैला बुखार, दो बच्चियों समेत चार की गई जान
गांवों में फैला बुखार, दो बच्चियों समेत चार की गई जान

कुंवरगांव/सिलहरी : बारिश के बीच संक्रामक रोगों की चपेट में कई गांव हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है। सोमवार को बुखार ने एक मासूम बच्ची समेत दो लोगों की जान ले ली। एक घटना जगत ब्लाक में तो दूसरी वजीरगंज ब्लाक की है। वहीं दर्जनों लोग बुखार की चपेट में हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य महकमे के अफसरों की नींद अभी नहीं टूटी है।

विकास खंड वजीरगंज के गांव बागरपुर निवासी 40 वर्षीय नरेश पाली कई दिन से बुखार से ग्रसित थे। गांव के डॉक्टर को दिखाया। राहत नहीं मिली तो परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया। रविवार रात उनकी मौत हो गई। जगत ब्लाक के गांव मौजमपुर में रामदास की आठ साल की बेटी कुसुमा भी कई दिन से बुखार की चपेट में थी। सोमवार को उसने भी निजी डॉक्टर से इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इन दोनों ही गांवों में चार दर्जन से अधिक बच्चे, बुजुर्ग और जवान लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। बागरपुर के नरेश के बेटे कल्लू, विवेक व अतुल समेत भाई पप्पू भी बुखार की चपेट में हैं। इसके अलावा गांव के ही ओमवीर, सुनील, मोहित, अमरावती, सुदेश समेत दो दर्जन से ज्यादा लोगों की हालत आएदिन बिगड़ती जा रही है। ये लोग बिस्तर से भी बमुश्किल उठ पाते हैं। वहीं स्वास्थ्य महकमा अभी नहीं चेता है। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। इधर, मूसाझाग: ब्लाक समरेर के गांव तिगुलापुर में रहने वाले नरेश की चार साल की बेटी करीना को रविवार सुबह बुखार आया था। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जबकि रात में 38 वर्षीय रामवीर की भी रविवार रात बुखार से मौत हो गई। वहीं गांव में पिछले एक पखवाड़े से बुखार पैर पसार चुका है गांव के मोहित, पप्पू, सतीश, रतिराम, केसर, भागीरथ व कीर्ति समेत दो दर्जन से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम अभी तक गांव नहीं पहुंची है।