बदायूं : जिले में जानलेवा बुखार से मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार रात से रविवार देर शाम तक विभिन्न इलाकों में 16 लोगों की बुखार की वजह से मौत हो गई। इनमें बच्चे, युवा और बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने फीवर क्लीनिक के माध्यम से जहां लोगो का इलाज किया। वहीं जांच में 92 संभावित मरीज फेल्सीपेरम मलेरिया के निकले हैं। इन सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।

संसू, सिलहरी : ब्लॉक सलारपुर क्षेत्र के गांव ब्यौर निवासी शराफत की 17 वर्षीय पुत्री रुखसार दो दिन से बुखार से ग्रसित थी। परिजन बिनावर के एक निजी डॉक्टर से उसका इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ते देख डॉक्टर ने उसे बरेली रैफर कर दिया। वहां के निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसी ब्लाक क्षेत्र गांव बरातेगदार निवासी छोटे लाल पटेल की 60 वर्षीय पत्नी कुवजा देवी बदायूं में दवा लेने आ रही थीं लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। बाबट गांव के कल्लू पटेल के अलावा ब्लॉक जगत क्षेत्र के गांव रोखरा खोला में बीते निवासी धनदेवी, 23 वर्षीय सुमनलता पत्नी दुर्गपाल, नरेश की छह साल की बेटी स्वाति, राजेश का सात महीने का बेटा अखिलेश की भी पिछले दो दिन में बुखार से मौत हुई है। गांव में चार मौतों से बुखार का भय बना हुआ है। गांव मल्लापुर निवासी सत्यवीर की 6 वर्षीय पुत्री पूजा के अलावा गांव मर्रई निवासी शिवदयाल की पत्नी देवी, गांव के ही 50 वर्षीय सेवाराम व वीरपाल की बुखार से मौत हुई है। इसके अलावा समरेर के तिगुलापुर गांव निवासी विशाल, प्रेमादेवी ने भी बुखार की चपेट में आकर दम तोड़ दिया। संसू, कुंवरगांव : गांव भटौली के 60 वर्षीय रामधुन और राम ¨सह की बुखार से मौत हुई है। गांव में अभी तक टीम नहीं पहुंची है। वहीं कस्बा के वार्ड संख्या पांच निवासी ब्रजलाल की बेटी की भी बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। संसू, मूसाझाग : ब्लॉग जगत के गांव मरई निवासी वीरपाल के एक साल के बेटे चंद्रशेखर व गांव के ही 50 वर्षीय सेवाराम की बुखार से मौत हुई है।

बाहर की जांच लिखने पर सीएचसी पर किया प्रदर्शन

संसू, सैदपुर : नगर के सीएचसी पर मुख्य एलटी के अभाव में जांचें प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने बाहर जांचें कराने का विरोध करते हुए प्रर्दशन किया। इस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ फिरासत हुसैन अंसारी ने तत्काल सभी डाक्टरों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की जांच नही की जायेगी जो सरकारी जांच है वही नि:शुल्क कराई जाए। लोगों का आरोप था कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं।

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