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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुखार से दो की मौत, डॉक्टर नदारद

By JagranEdited By:
Published: Sun, 30 Sep 2018 12:13 AM (IST)

जिले में बुखार का प्रकोप खत्म नहीं हो रहा है। शनिवार को फिर से दो लोगों की बुखार से मौत हो गई।

बुखार से दो की मौत, डॉक्टर नदारद
बुखार से दो की मौत, डॉक्टर नदारद

बदायूं : जिले में बुखार का प्रकोप खत्म नहीं हो रहा है। शनिवार को फिर से दो लोगों की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं सैकड़ों लोग बीमार हैं। इधर, जिला अस्पताल में भी व्यवस्थाएं चौपट हैं। जहां ओपीडी से डॉक्टर नदारद रहते हैं। वहीं मरीज घंटों उनका इंतजार करते हैं।

संसू, कुंवरगांव : क्षेत्र के गांव वनकोटा निवासी राजपाल मौर्य का 28 वर्षीय पुत्र हरवीर को कई दिन से बुखार आ रहा था। बदायूं के डॉक्टर के यहां उसका इलाज चल रहा था। राहत न मिलने पर परिजन उसे दिल्ली ले गए। वहां के एक अस्पताल में हरवीर की मौत हो गई। संसू, मूसाझाग : गांव मुड़सेना खुर्द में मोगली की पत्नी राजकुमारी को चार दिन से बुखार था। परिजन पड़ोस के ही एक डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शनिवार को उनकी मौत हो गई। जबकि दो दर्जन से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं।

कैंप लगाकर बांटी दवाएं

संसू, सिलहरी : ब्लाक समरेर के गांव मनिकापुर कौर में 25 लोगों को फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई है। इधर ब्लॉक जगत के गाँव बेला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत का कैंप लगाकर मरीजों को दवा बांटी गई। डॉ. नीरेश, ममता व फार्मासिस्ट चंद्रपाल आदि मौजूद रहे।

डेंगू की चपेट में आई किशोरी

संस, बिसौली : नगर की तहसील कॉलोनी निवासी दुष्यंत कुमार ¨सह की 14 वर्षीय बेटी अश्वी ¨सह डेंगू की चपेट में आ गई। उसका बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, नगर और ग्रामीण क्षेत्र में मलेरिया फैल रहा है। सैकड़ों लोग इसकी चपेट में हैं। हालात इतने बदतर हैं कि नगर से प्राइवेट अस्पतालों में नो एंटी का बोर्ड लगा हुआ है। इधर, सरकारी अस्पतालों में भी बुखार के मरीजों की संख्या भी प्रतिदिन चार सौ से कम नहीं है।