यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से 86 मरे, सीएमओ की रिपोर्ट कह रही आठ
जिले में बुखार बेकाबू हो गया है। अब तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन सीएमओ रिपोर्ट कुछ और कह रही।

बदायूं : जिले में बुखार बेकाबू हो गया है। अब तक 86 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन सीएमओ डॉ. आशाराम द्वारा अफसरों को भेजी गई रिपोर्ट कुछ ही आंकड़े पेश कर रही है। सीएमओ की रिपोर्ट की बात करें तो जिले में बुखार से अब तक महज आठ ही मरे, जबकि आठ लोग अन्य बीमारियों से मरे हैं। यह खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि मंगलवार को जिला अस्पताल में मरीजों का हाल जानने पहुंचे एडी हेल्थ डॉॅ. नरेंद्र कुमार ने किया।
जिले में बेकाबू हुए बुखार से हो रही मौंतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसर अब गंभीर हुए हैं। यही कारण है कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे एडी हेल्थ यहां पहुंचे। उनके अचानक पहुंचने पर जिला अस्पताल प्रशासन में खलबली मच गई। तुरंत सफाई व्यवस्था दुरुस्त की गई। उस वक्त सीएमएस डॉ. सुकुमार भोजन करने के लिए उठ चुके थे, वहीं ओपीडी भी बंद हो चुकी थी। एडी हेल्थ ने वार्डो का मुआयना कर वहां भर्ती मरीजों से उनका हाल जानकर समस्या पूछी। चूंकि पूरा अस्पताल ही मरीजों से भरा है। ऐसे में कई वार्डों में निरीक्षण के बाद एडी ने फिजिशियन डॉ. आशु अग्रवाल समेत स्टाफ को मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। सभी भर्ती मरीजों का नियमित चेकअप और दवा देने का निर्देश भी दिया। एडी ने बताया कि सीएमओ ने अभी तक आठ लोगों के बुखार से मरने की पुष्टि की है। सीएमओ के गैरहाजिर होने के सवाल पर बताया कि उनकी शिकायत शासन तक पहुंची है। अपने स्तर से उन्हें चेता दिया गया है कि जब तक बुखार खत्म नहीं हो जाता, वह मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। विषम परिस्थितियों में डीएम और एडी से अनुमति लेकर ही जाएंगे। एडी हेल्थ से बोले मरीज- रातभर बरामदे में पड़े
अचानक हुए निरीक्षण में एडी ने देखा कि भर्ती मरीजों को ऐसे ही बैड पर लेटा दिया गया है। उन्हें चादर तक बिछाने को नहीं दी गई है। मरीजों ने यह शिकायत भी की कि सोमवार को रातभर वे यहां-वहां बरामदे में पड़े रहे। जबकि सुबह भर्ती किया गया है। इसके अलावा एडी को वार्डो की टपकती छतों और रात में अक्सर स्टाफ के नदारद होने की शिकायतें भी मरीजों ने कीं। अस्पताल ओवरलोड, मंगवा रहे दवा
एडी ने बताया कि दवा लगातार मंगवाई जा रही है। अस्पताल पूरी तरह ओवरलोड हो चुका है लेकिन फिर भी इलाज जारी है। जो दवाएं कम होती हैं, उन्हें भी हाथोंहाथ भिजवाया जाता है। संक्रामक बीमारियां फैलने के लिए अकेला स्वास्थ्य विभाग ही जिम्मेदार नहीं है। क्योंकि सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखना भी नगर निकायों का काम है। जो भी अव्यवस्थाएं मिली हैं, उन्हें सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।
