यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हालात बेकाबू, 10 दिन में पांच को बुखार ने निगला
स्वास्थ्य विभाग भले ही बुखार से किसी की मौत की पुष्टि नहीं कर रहा हो लेकिन बरखेड़ा गांव में 10 दिन में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

संसू, सिलहरी : स्वास्थ्य विभाग भले ही बुखार से किसी की मौत की पुष्टि नहीं कर रहा हो, लेकिन बरखेड़ा गांव में 10 दिन में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं दर्जनों लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम यहां नहीं पहुंच सकी है। बिनावर के गांव बरखेड़ा में गौटिया मे फैले बुखार की चपेट में आकर कल्लू (6) पुत्र कैलाश की एक सितंबर को मौत हो गई। जबकि उसके तीन साल के भाई प्रशांत को पांच सितंबर को बुखार निगल गया। गांव के अमरपाल की दो साल की बेटी शीला (2) की 30 अगस्त को बुखार से मौत हो गई। वहीं निशा (5) पुत्री जगतपाल को भी आठ सितंबर को बुखार के चलते काल ने आगोश में ले लिया। 31 अगस्त को वासुदेव की एक साल की बेटी वर्षा भी बुखार की चपेट में आकर काल का ग्रास बनी है। गांव के विनोद, कौशल, राधा, मुस्कान, लक्ष्मी, दीक्षा, हीराकली, देवसिंह, हरिओम, मुनेंद्र लाल, करनसिंह, आशा देवी समेत दर्जनों लोग बुखार में तप रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम आज तक नहीं आई है। गांव में सफाईकर्मी के न आने के कारण गंदगी फैली हुई है। सीएचसी घटपुरी प्रभारी डॉ. ख्यालीराम राठौर ने बताया कि यह प्रकरण संज्ञान में नहीं है। टीम को गांव भेजा जाएगा। एक ही दिन में तीन को निगल गया बुखार
संसू, सिलहरी : जगत क्षेत्र के गांव पड़ौलिया में बुखार की चपेट में आने से मंगलवार को गांव की रामदुलारी (50), राजवीर का छह वर्षीय पुत्र पिटू व
जगवीर का पुत्र सुमित (4) की मौत हो गई। तीनों को कई दिन से बुखार आ रहा था और निजी डॉक्टरों से इलाज करवा रहे थे। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रदीप शाक्य ने बताया कि गांव में सुमित पुत्र जगबीर की तो राजस्थान में मैं मौत हुई है रामदुलारी तो वृद्ध हैं यह नहीं पता कैसे मौत हुई है गांव में दवा का छिड़काव किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांव पहुंच रही है। बुखार से महिला की मौत
संसू, दहगवां : ब्लाक दहगवां क्षेत्र के गांव सेरई विजयगढ़ी निवासी झूंडू की पत्नी सोनवती (48) 10 दिन पहले बुखार आया था। परिजनों ने एक झोलाछाप के यहां उसका इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। हालत और ज्यादा बिगड़ने पर परिवार वाले उसे बरेली के निजी अस्पताल ले गए। यहां से भी डॉक्टरों ने गंभीर हालत बताते हुए उसे अलीगढ़ मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां महिला का इलाज चल रहा था, मंगलवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं इलाके में तमाम लोग बुखार से ग्रसित हैं। टीमें एक गांव में पहुंचती हैं तो दूसरे गांव में वायरस फैल जाता है। कुल मिलाकर हालात संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
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