फैजगंज बेहटा : कस्बा में बन रहे 33केवीए बिजलीघर पर शुक्रवार रात डकैतों ने धावा बोल दिया। वहां तैनात चौकीदार को बंधक बनाकर बदमाश तकरीबन छह लाख रुपये का सामान लूटकर ले गए। वहीं चौकीदार को काफी दूर ले जाकर जंगल में छोड़ दिया। इधर, दूसरे दिन मामले की तहरीर पुलिस को दी तो लूटपाट की तहरीर लेने से पुलिस ने इंकार कर दिया। काफी कोशिश के बाद चोरी की तहरीर बनवाई और उसे रिकार्ड में दर्ज कर लिया। वहीं घटना का पुलिस संदिग्ध मान रही है।

बिजनेस प्लान के तहत पॉवर कारपोरेशन की ओर से कस्बा में नया बिजलीघर बनवाया जा रहा है। यहां निर्माणदायी संस्था द्वारा भारी मात्रा में एल्मुनियम के तार समेत अन्य उपकरण लाए गए हैं। घटना शुक्रवार रात तकरीबन 11 बजे की है। दर्जनभर डकैत उपकेंद्र पर पहुंच गए। दीवार फांदकर भीतर दाखिल होने के बाद कुछ बदमाशों ने वहां बरामदे में सो रहे चौकीदार मुहम्मद निसार की कनपटी पर तमंचा सटाकर मुख्यद्वार की चाबी छीन ली। विरोध पर चौकीदार को पीटकर जख्मी कर दिया गया। साथ ही उसके हाथ पैर बांधकर एक कमरे में डाल दिया। गेट खुलते ही घुस गया गिरोह

- भीतर घुसे डकैतों ने मुख्यद्वार जैसे ही खोला गिरोह के बाकी सदस्य भी भीतर दाखिल हो गए। इसके बाद तकरीबन चार घंटे तक वहां लूटपाट करते रहे। डकैतों ने वहां रखा तार के अलावा स्टे वायर, बीक्रास, गार्डिंग एंगल समेत कीमती उपकरण लूट लिए। इस सामान को ले जाने के लिए डकैतों ने एक चौपहिया वाहन मंगवाया और उसमें डालकर चल दिए। चौकीदार को भी अपने साथ इस वाहन में बैठा लिया और दो किलोमीटर दूर ले जाकर उसे जंगल में छोड़ दिया। थाने से चंद कदम दूर हुई घटना

घटना की सूचना दूसरे दिन ठेकेदार सुनील शर्मा ने पुलिस को दी तो पुलिस ने पहले दिनभर ठेकेदार को थाने में बैठाए रखा। जबकि शाम को अपनी जान छुड़ाने के लिए ठेकेदार ने पुलिस की मनमुताबिक चोरी की तहरीर लिखी तो उसके आधार पर मुकदमा कायम करके उसे रिहा कर दिया। इतना ही नहीं पुलिस चौकीदार को ही इस वारदात में शामिल मान रही थी। कुल मिलाकर लूट की घटना को पुलिस ने आसानी से चोरी में बदलकर थाने में अपराध का रिकार्ड मेंटन कर लिया। वर्जन

घटना चोरी की है। चोरी की धाराओं में ही रिपोर्ट दर्ज की गई है। लूट नहीं हुई है। जांच में जो भी सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई होगी।

इंद्रेश ¨सह, एसओ फैजगंज बेहटा

Posted By: Jagran