यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुख्य खबर :: संभल नहीं रहे हालात, बेकाबू हो रहा बुखार
जिले में दिनोंदिन बुखार से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। चार ब्लाकों के 98 संक्रमित गांवों के अलावा अन्य इलाकों ...और पढ़ें

फोटो - 30 बीडीएन - 55 - जिले में अब तक हो चुकी है 21 लोगों की मौत
- रिकार्ड में एक भी मौत की पुष्टि नहीं कर रहे जिम्मेदार
- 8410 को मलेरिया तो 189 को हुआ फैल्सीपेरम मलेरिया जागरण संवाददाता, बदायूं : जिले में दिनोंदिन बुखार से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। चार ब्लाकों के 98 संक्रमित गांवों के अलावा अन्य इलाकों में भी बुखार फैलने लगा है। यही वजह है कि जहां मलेरिया और फैल्सीपेरम मलेरिया के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वहीं अभी तक बुखार से 21 लोगों की जिलेभर में मौत भी हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने अभी तक बुखार से एक भी मौत की पुष्टि नहीं की है। कहने को पांच विभागों द्वारा संयुक्त रूप से बुखार रोकने को अभियान चलाया जा रहा है लेकिन सारी तैयारियां मौजूदा वक्त में धरी रह गई हैं।
जिले के जगत, सलारपुर, समरेर व दातागंज ब्लाक क्षेत्र के तकरीबन 98 गांवों में पिछले साल इन्हीं दिनों बुखार फैला था। बुखार से ढाई सौ से अधिक मौतें हुईं और हालात पर काबू पाने के लिए शासन की टीम भी यहां पहुंची थी। हालांकि उस वक्त स्वास्थ्य विभाग रिकार्ड में महज आठ लोगों की मौत मान रहा था। जबकि इस बार ऐसे हालात न बनें, इसके लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, पंचायतीराज विभाग, मलेरिया विभाग और नगर निकायों को भी जोड़ दिया। ताकि सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे और नियमित एंटी लार्वा के छिड़काव के कारण मच्छर जनित यह बीमारी न हो लेकिन यह पांच का पंच बुखार पर हावी नहीं हो सका है। रिकार्ड के मुताबिक इस सीजन में अभी तक जिलेभर में 77 हजार 430 लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण में 8410 लोगों को मलेरिया और 189 लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया निकला है। हालांकि बुखार के मरीज अनगिनत बताए जा रहे हैं। पिछली बार चिह्नित हुए 98 गांवों में डीडीटी का छिड़काव करने की भी केंद्र सरकार ने अनुमति दे दी है, बावजूद इसके जगत ब्लाक क्षेत्र के गांवों में बुखार लगातार पांव पसार रहा है। वर्जन ::
बुखार की पर्याप्त दवाएं मौजूद हैं। सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया जा चुका है कि उनके गांव में बुखार फैले तो सीधे मुख्यालय पर सूचना दें। ऐसा न करने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी। टीमें लगातार संक्रमित गांवों में जाकर फीवर क्लीनिक के माध्यम से लोगों का इलाज कर रही हैं। जिले में बुखार से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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