दहगवां (बदायूं), जेएनएन : गंगा नदी के आसपास के गांवों में मगरमच्छ का खतरा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात में कोतल नगला गांव में मगरमच्छ गंगा से निकल आबादी के बीच पहुंच गया। गांव में मगरमच्छ देखकर ग्रामीणों में खलबली मच गई। उन्होंने वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। इस पर टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रेस्क्यू करके मगरमच्छ को पकड़ा। फिर मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से गंगा में छोड़ दिया।

सहसवान तहसील क्षेत्र का कोतल नगला गांव नदी के किनारे है। ग्रामीणों का नदी की तरफ दिनभर आना-जाना लगा रहता है। वह बिना किसी डर के गंगा स्नान भी करने चले जाते हैं। नदी में मगरमच्छ होते हैं। लेकिन, बाहर निकलकर गांव में पहुंच जाएंगे। इसका किसी को अंदाजा नहीं था। रात में करीब 11 बजे गांव में आबादी के बीच मगरमच्छ दिखने से अफरा-तफरी मच गई। उस समय गांव के अधिकांश लोग सो रहे थे। लेकिन, शोर मचने पर पूरे गांव के लोग एकत्रित हो गए। वन विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया तो कुछ ही देर में टीम गांव पहुंच गई। मगरमच्छ का रेस्क्यू करके टीम ने रस्सी के जाल से मगरमच्छ को काबू में लिया और सुरक्षित गंगा में छोड़ दिया। रेस्क्यू टीम में क्षेत्रीय वन आधिकारी संजय रस्तोगी, वनरक्षक अनिल राजपूत व विकेंद्र कुमार शर्मा मौजूद रहे। वर्जन ::

मंगलवार रात गंगा नदी से निकलकर मगरमच्छ कोतल नगला गांव में आबादी के बीच पहुंच गया था। ग्रामीणों से जानकारी मिलने पर तुरंत पहुंचकर रेस्क्यू करके उसे पकड़ लिया और नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। मगरमच्छ नदी से निकल आते हैं, इसलिए ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा हैं।

- संजय रस्तोगी, क्षेत्रीय वन अधिकारी

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