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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिमागी बुखार से बच्ची की मौत

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Published: Thu, 10 Apr 2014 11:20 PM (GMT+05:30)

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बदायूं : दिमागी बुखार की चपेट में आई एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। डाक्टरों के मुताबिक बच्ची को समय रहते अच्छा इलाज नहीं मिल सका।

दातागंज के परा निवासी सत्तूलाल की पांच वर्षीय पुत्री करिश्मा को तीन पहले बुखार आया था। परिजनों ने उसे दातागंज के एक निजी चिकित्सक को दिखाया, जहां दवाई देकर डाक्टर ने उसे जाने ले जाने को कह दिया। घर ले जाने के बाद उसका बुखार बढ़ता चला गया। परिजनों ने उसे निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। गुरूवार को हालत में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उसका परीक्षण करने के बाद इलाज शुरू किया। जहां इलाज के दौरान कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके गुप्ता ने बताया कि दिमागी बुखार से बच्ची की मौत हुई है। इन दिनों दिमागी बुखार का प्रकोप ज्यादा है, ऐसे में लोग इसे सामान्य बुखार समझकर सही से इलाज नहीं कराते और डाक्टर भी इस मर्ज को जल्द नहीं पकड़ पाते हैं। समय रहते अच्छा इलाज मिल जाए तो रोगी को सही किया जा सकता है।