जेएनएन, बदायूं : राजकीय मेडिकल कालेज में स्थापित ब्लड बैंक की लैब खोले जाने के सभी रास्ते साफ हो गए है। कोरोना संक्रमण की वजह से अधर में लटके ब्लड बैंक के शुभारंभ में अब कोई रूकावट पैदा नहीं होगी। वजह यह है कि मेडिकल प्रशासन ने ब्लड बैंक की सुविधा को शुरू करने के लिए भरकस मेहनत शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है इस माह के अंत तक मेडिकल कालेज का ब्लड बैंक शुरू हो जाएगा।

कोरोना काल की दूसरी लहर से निपटने के बाद राजकीय मेडिकल कालेज में स्वस्थ्य सुविधाएं बेहतर करने को लेकर संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। जिससे कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए बच्चों के 100 बेड का पीड्रियाट्रिक्स वार्ड भी स्थापित कर रखा है। इसी तरह ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए पांच बेड का वार्ड स्थापित है। इसी कड़ी में अब तक साल भर से अधर में लटके ब्लड बैंक की भी शुरूआत की जाएगी। अभी तक अगर किसी व्यक्ति को खून की जरूरत पड़ती है, तो उसे जिला अस्पताल पर निर्भर होना पड़ता है। इसकी वजह यह है कि जिले में जिला पुरूष अस्पताल में ही महज एक ब्लड बैंक है। इसी के सहारे अब तक खून की जरूरत को पूरा किया जा रहा है। मगर अब यह किल्लत दूर होने वाली है। गत वर्ष कोरोना काल से पूर्व ही ही राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा ब्लड बैंक खोले जाने की सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई थी मगर कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी थी। इस वर्ष भी कोरोना की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा दिया। इस वजह से ब्लड बैंक शुरू होने पर लेटलतीफी हो गई लेकिन संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के बाद मेडिकल प्रशासन ने ब्लड बैंक को शुरू करने के लिए कमर कस ली है। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई है। मेडिकल कालेज प्रशासन का कहना है कि जुलाई माह के अंत तक ब्लड बैंक की शुरूआत कर दी जाएगी। वर्जन

ब्लड बैंक का लाइसेंस पूर्व में ही मेडिकल प्रशासन को मिल चुका है। कोरोना की वजह से ब्लड बैंक खोले जाने में लेटलतीफी हुई। अब ब्लड बैंक को खोले जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। लैब टेक्नीशियन भी आ गए है। इस माह के अंत तक ब्लड बैंक शुरू हो जाएगा।

डा. धर्मेद्र गुप्ता, प्राचार्य