जेएनएन, बदायूं : भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। नगर विकास राज्यमंत्री समेत चारों मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जताया है। जातीय संतुलन साधने के लिए जहां हर वर्ग के लोगों को टिकट दिया है। वहीं मौर्य-शाक्य वोटरों का ध्यान रखते हुए दो शाक्य उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतारा है। कुछ विधायकों कई विधायकों के टिकट कटने की आशंका थी, लेकिन पार्टी ने सभी के टिकट घोषित कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।

सदर विधानसभा सीट पर नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता को फिर मौका मिला है। इसके पहले 2007 में भी यहां से वह विधायक रह चुके हैं। दातागंज के विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू भैया पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य के टिकट को लेकर कोई असमंजस नहीं था, लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में जाने वालों की सूची में इनका नाम होने की चर्चा हुई तो असमंजस की स्थिति बनी थी। हालांकि उन्होंने तत्काल वीडियो जारी कर इसका खंडन कर दिया था। बिसौली से विधायक कुशाग्र सागर पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। इनके पिता को एक चर्चित मामले में उम्रकैद होने और बसपा से मेजर कैलाश के भाजपा में शामिल होने के बाद असमंजस की स्थिति बनी थी। बिल्सी सीट विधायक आरके शर्मा के सपा में चले जाने से रिक्त हुई थी। तब से दावेदारों की लंबी कतार लग गई थी। पार्टी ने पिछड़ा मोर्चा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य पर भरोसा कर मैदान में उतारा है। इनके जिलाध्यक्ष रहते हुए पार्टी ने पिछले चुनाव में जिले में छह में से पांच सीटें जीती थीं। सहसवान सीट पर टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। यह सीट सपा के पास है। राष्ट्रीय परिवर्तन दल के अध्यक्ष डीपी यादव भी यहां से टिकट मांग रहे थे, उनके परिवार के दो और दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने यहां ब्राह्मण कार्ड खेला है। बदायूं से लोकसभा चुनाव लड़ चुके डीके भारद्वाज को चुनाव मैदान में उतारा है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ पूरी मेहनत से जिले की सभी छह सीटें जीतेंगे।

Edited By: Jagran