बदायूं महिला अस्पताल में शुरू होगी ब्लड स्टोरेज यूनिट, गर्भवती महिलाओं को सीधा मिलेगा लाभ
बदायूं के महिला अस्पताल में अब ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू करने की अनुमति मिल गई है, जिससे गर्भवती महिलाओं को ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
महिला अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट की अनुमति मिली।
गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में तुरंत खून मिलेगा।
जिला अस्पताल के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जागरण संवाददाता, बदायूं। महिला अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। अब लंबे समय के बाद अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसी सप्ताह से ये सुविधा भी शुरू हो जाएगी, उसके बाद इमरजेंसी में खून के लिए जिला अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अभी तक महिला अस्पताल में न तो ब्लड बैंक है और न ही ब्लड स्टोरेज की सुविधा थी। प्रसव के दौरान या किसी जटिल आपरेशन के समय जब महिला को खून की जरूरत पड़ती थी, तो तीमारदारों को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक तक दौड़ लगानी पड़ती थी।
कई बार समय पर ब्लड न मिलने से जच्चा-बच्चा दोनों की जान जोखिम में पड़ जाती थी। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को तो और भी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता था।
पिछले दिनों ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्लड स्टोरेज की आवश्यकता को देखते हुए इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। अब शासन स्तर से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। अस्पताल प्रशासन ने स्टोरेज के लिए जरूरी उपकरण और फ्रिज आदि की व्यवस्था शुरू कर दी है।
क्या है ब्लड स्टोरेज यूनिट
ब्लड स्टोरेज यूनिट एक छोटा ब्लड सेंटर होता है, जहां जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से लाकर ब्लड को सुरक्षित रखा जाता है। महिला अस्पताल में इसके लिए विशेष डीप फ्रीजर लगाए गए हैं, जिसमें दो से छह डिग्री तापमान पर ब्लड को 35 दिन तक स्टोर किया जा सकता है। इमरजेंसी में डाक्टर सीधे यहीं से ब्लड इश्यू कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और महिलाओं को तत्काल इलाज मिल सकेगा।
महिला अस्पताल में ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू करने की अनुमति मिल गई है। कोशिश की जा रही है कि इसी सप्ताह से ब्लड स्टोरेज यूनिट शुरू हो जाएगी। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को कहीं भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी। -लवकुश प्रसाद, ड्रग इंस्पेक्टर।
