अब पीरियड के कारण नहीं छूटेगी बेटियों की पढ़ाई, यूपी के इस शहर में स्कूलों में बनेंगे पैड बैंक
बदायूं के पीएमश्री विद्यालयों में छात्राओं के लिए पैड बैंक स्थापित किए जाएंगे।

ये तस्वीर एआई द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
पीएमश्री विद्यालयों में पैड बैंक स्थापित होंगे।
छात्राओं को माहवारी के दौरान मिलेगी तुरंत मदद।
स्वच्छता सामग्री और जागरूकता कार्यक्रम भी चलेंगे।
जागरण संवाददाता, बदायूं। माहवारी के दौरान बेटियों की झिझक और परेशानी दूर करने के लिए जिले के पीएमश्री विद्यालयों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के तहत पैड बैंक बनाए जाएंगे।
अचानक पीरियड शुरू होने पर छात्राओं को सैनिटरी पैड या अन्य सुविधाएं न मिलने के कारण असहज होकर पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। अब इस नई पहल से छात्राओं को वक्त पर तुरंत मदद मिल सकेगी जिससे छात्राओं की पढ़ाई में बाधा नहीं आएगी।
विद्यालयों में अचानक माहवारी शुरू होने पर छात्राओं को भारी असहजता और परेशानी का सामना करना पड़ता था। उचित संसाधनों के अभाव में उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़कर घर लौटना पड़ता था, जिससे उनकी शिक्षा बाधित होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने जिले के 30 पीएमश्री स्कूलों में पैड बैंक स्थापित करने का निर्णय लिया है।
पैड बैंक के साथ साथ विद्यालयों के शौचालयों में साबुन, तौलिया और अन्य आवश्यक स्वच्छता सामग्री भी जुटाई जाएगी। स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शौचालयों में ढक्कन वाले डस्टबिन भी रखे जाएंगे, ताकि छात्राएं बिना किसी झिझक के उनका उपयोग कर सकें।
इन बुनियादी सुविधाओं के मिलने से किशोरियों को माहवारी के दौरान होने वाली शारीरिक और मानसिक असुविधा को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य न केवल भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, बल्कि छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है।
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इसके लिए स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, जिससे किशोरियां बिना किसी संकोच या डर के खुलकर अपनी बात रख सकें और स्वस्थ माहौल में अध्ययन कर सकें। विभाग ने सभी संबंधित विद्यालयों को इन सभी व्यवस्थाओं को एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
पीएमश्री विद्यालयों में पैड बैंक और स्वच्छता सुविधाएं शुरू होने से बच्चियों की झिझक दूर होगी। जल्द सभी स्कूलों में तौलिया, साबुन समेत अन्य जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि बेटियों को शिक्षा ग्रहण करने में कोई असुविधा न हो।
- नवीन कुमार, बीएसए
