बदायूं में पीड़ित को थाने में बंद कर पीटा, प्रभारी समेत चौकी के पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
बदायूं में एससी-एसटी एक्ट के पीड़ित को समझौता करने के लिए प्रताड़ित करने के आरोप में चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

HighLights
एससी-एसटी एक्ट पीड़ित को पुलिस ने किया प्रताड़ित।
चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने जांच के बाद की कार्रवाई।
संवाद सूत्र, दहगवां (बदायूं)। एससी-एसटी एक्ट के केस में समझौता कराने का ठेका ले चुके बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज ने पीड़ित को थाने में बंदकर प्रताड़ित किया। चौकी के चार सिपाहियों ने भी केस वापस लेने का दबाव बनाया, जेल भेजने की धमकी दी।
आरोपितों से मिलीभगत कर चुके चौकी के पांचों पुलिसकर्मियों के चंगुल से बमुश्किल छूटे पीड़ित ने एसएसपी अंकिता शर्मा को घटनाक्रम बताया। रविवार को उन्होंने प्रभारी मनीष समेत पूरी चौकी को निलंबित कर दिया।
गांव दियोहरा निवासी कृपाल सिंह 26 अगस्त को बाजार से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक संभल के गांव फतेहपुर निवासी अनमोल की कार से टकरा गई। दोनों पक्षों में विवाद हुआ तो थाने में समझौता करा दिया गया।
उसी शाम अनमोल, उसके भाई भूपेंद्र, जयवीर, ज्ञान सिंह, जोगेंद्र, सत्यवीर, प्रांशुख, राकेश, मुकेश, आकाश, योगेश, राजू आदि ने कृपाल सिंह के घर धावा बोल दिया। हमले में कृपाल, उनके बेटे उदय प्रकाश, भतीजे कौशेंद्र, पंकज आदि घायल हो गए थे।
कृपाल के अनुसार, 27 अगस्त को जरीफनगर थाने में 12 नामजद और आठ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला, धमकाने और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज ने अनमोल से साठगांठ कर ली कि केस वापस करा देंगे।
आठ सितंबर को क्षेत्र न होने के बाद भी बस्तोई सीकरी चौकी प्रभारी मनीष, सिपाही लोकेश, सुरजीत, हरीश व संदीप भाटी सादा कपड़ों में घर आया। उन सभी ने घर में मादक पदार्थ होने की बात कहकर तलाशी ली। कुछ न मिलने पर उन्हें, उनके बेटे व भतीजे को पकड़कर जरीफनगर थाने ले गए। वहां कमरे में बंदकर प्रताड़ित किया। अफीम तस्करी के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी।
पुलिसकर्मी चाहते थे कि एससी-एसटी एक्ट के केस में समझौता करें, अन्यथा झूठे केस में जेल भेज देंगे। उस समय स्वजन ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी तो सुबह होने से पहले पुलिसकर्मियों ने छोड़ दिया। अगले दिन विधायक महेश चंद्र गुप्ता के माध्यम से एसएसपी अंकिता शर्मा से शिकायत की।
एसएसपी ने बताया कि सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह से जांच कराई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज, सिपाही लोकेश, सुरजीत, हरीश और संदीप भाटी को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।
