17 राउंड फायरिंग, सीने पर लगी गोली... बदायूं में 50 हजारी डकैत 'ढालू' का ऐसे हुआ अंत
बदायूं में 50 हजार के इनामी डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ में 17 ...और पढ़ें

बेटे के बारे में जानकारी देती इंद्रवती और मुठभेड़ में मारा गया जितेंद्र उर्फ ढालू
HighLights
एसएसपी के विशेष चेकिंग अभियान के दौरान बिल्सी रोड नई जेल के पास हुआ था आमना-सामना
जागरण संवाददाता, बदायूं। इस्लामनगर डकैती कांड के मुख्य आरोपित और 50 हजार रुपये के इनामी डकैत जितेंद्र उर्फ ढालू के साथ हुई पुलिस मुठभेड़ में कुल 17 राउंड फायरिंग हुई। इनमें 14 गोलियां अकेले डकैत ने पुलिस टीम पर दागीं, जबकि पुलिस की ओर से आत्मरक्षा में तीन राउंड फायर किए गए। जिसमें एक गोली उसके सीने और एक पैर में लगी।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। इधर मुठभेड़ के दौरान एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह और सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह की जान बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा ली, जबकि शेखूपुर चौकी प्रभारी नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी गोली लगने से घायल हो गए।

गुरुवार को पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी साझा की। पुलिस के अनुसार बुधवार को एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर शाम चार बजे से रात नौ बजे तक जिले भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में सिविल लाइंस थाना पुलिस बिल्सी रोड स्थित प्रस्तावित नई जेल के पास वाहनों की जांच कर रही थी।
रात करीब साढ़े नौ बजे एक संदिग्ध युवक बाइक से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह बाइक मोड़कर भागने लगा। पीछा करने पर उसने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली सिविल लाइंस थाने की सेकेंड मोबाइल गाड़ी में जा लगी।
उधर, सिविल लाइंस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह बहेड़ी मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे। संयोग से सहसवान इंस्पेक्टर धनंजय सिंह भी सरकारी कार्य से बदायूं आए थे और वहीं मौजूद थे। इसी दौरान शेखूपुर चौकी प्रभारी नीरज कुमार ने वायरलेस सेट पर सूचना दी कि एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग रहा है।
सूचना मिलते ही एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह, इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह और इंस्पेक्टर धनंजय सिंह मौके पर पहुंच गए। खुद को चारों ओर से घिरा देख जितेंद्र ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार उसने कुल 14 राउंड गोलियां चलाईं।
एक-एक गोली एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह और इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह के सीने में लगी। लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से दोनों अधिकारी बाल-बाल बच गए। वहीं चौकी प्रभारी नीरज कुमार और सिपाही अविनाश चौधरी के हाथ में गोली लगने से दोनों घायल हो गए।
इधर पोस्टमार्टम और एक्सरे में भी जितेंद्र उर्फ ढालू के दो गोली लगने की ही पुष्टि हुई है। हालांकि जिला अस्पताल में बिजली न होने से एक्सरे होने के चलते पोस्टमार्टम साढ़े तीन बजे के करीब हो सका। इसके बाद शव उसकी सौतेली मां इंद्रवती व अन्य रिश्तेदारों को सौंप दिया गया।
पिता की राह पर चल बदमाश बना ढालू
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया बदमाश जितेंद्र उर्फ ढालू मूल रूप से जिला हापुड के धौलाना थाना क्षेत्र के गांव बछेड़ा का रहने वाला है। वह दस साल से जिला संभल के थाना बनियाठेर के गांव जनेटा में आकर बस गया था। अपराध की दुनिया उसके लिए नई नहीं थी, उसके पिता ओमवीर भी चोरी डकैती की घटनाएं करते थे।
यह लोग बाबवरिया गिरोह के सदस्य थे। जिसका एक गिरोह पिता के साथ जितेंद्र संचालित करने लगा था। यही सरगना हो गया था। पिता और अन्य साथी रैकी करते थे। इस्लामनगर में हुई डकैती में जितेंद्र का पिता ओमवीर भी शामिल था। वह 26 मई को ही पकड़ा जा चुका था और इस समय जेल में है।
शव लेने पहुंची सौतेली मां, नहीं जताया कोई विरोध
पुलिस द्वारा एंकाउंटर में ढेर होने की सूचना जब घर तक पहुंचाई गई तो वहां सिर्फ ढालू की सौतेली मां इंद्रवती थी। उसने बेटे जितेंद्र की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी होने से ही इन्कार किया।
पोस्टमार्टम हाउस में इंद्रवती ने बताया कि जितेंद्र उनके साथ नहीं रहता था। वह कभी कभार ही घर आता था। वह क्या करता था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एंकाउंटर सही हुआ या गलत इस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा, न विरोध जाताया। कहा कि उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है।
