बदायूं जिला अस्पताल में मेडिकल क्लेम प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, अब पोर्टल पर अपलोड करने होंगे बिल
बदायूं जिला अस्पताल में मरीजों, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रक्रिया 1 अक्टूबर से पूरी तरह ऑनलाइन।
अस्पताल के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, समय बचेगा।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक, पारदर्शिता बढ़ेगी भुगतान में।
जागरण संवाददाता, बदायूं। जिला अस्पताल में उपचार कराने वाले मरीजों, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल क्लेम) की प्रक्रिया को अब पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस नई व्यवस्था को एक अक्टूबर से लागू कर दिया है। अब मेडिकल क्लेम के लिए किसी भी तरह का आवेदन ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिला अस्पताल प्रशासन के अनुसार अभी तक चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदकों को कागजी फाइलें लेकर अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन पत्र, दवाओं के बिल, जांच रिपोर्ट और डॉक्टर के पर्चे की फोटो कापी जमा करनी होती थी। इसमें काफी समय लगता था और कई बार फाइलें गुम होने की शिकायतें भी आती थीं, लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत आवेदक को अब सरकारी पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अपने इलाज से संबंधित सभी दस्तावेज जैसे भर्ती पर्चा, डिस्चार्ज सारांश, दवाओं के मूल बिल, पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट को स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
आवेदन जमा होने के बाद संबंधित डॉक्टर और लेखा विभाग द्वारा उसकी जांच भी ऑनलाइन ही की जाएगी। रिपोर्ट और सत्यापन भी पोर्टल पर ही अपलोड होगा। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को घर बैठे ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा कि उसकी फाइल किस स्तर पर है।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऑनलाइन होने से आवेदकों को अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भुगतान की प्रक्रिया भी तेज होगी। सभी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे।
पुराने हिसाब से होगा पुराने आवेदनों का निस्तारण
अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि एक अक्टूबर से पहले जो भी आवेदन ऑफलाइन जमा हुए हैं, उनकी जांच और रिपोर्ट पुरानी व्यवस्था यानी ऑफलाइन व्यवस्था की तरह ही की जाएगी। उन्हें दोबारा ऑनलाइन करने की जरूरत नहीं है लेकिन एक अक्टूबर के बाद का कोई भी नया आवेदन ऑफलाइन स्वीकार स्वीकार्य नहीं होगा। अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही लिए जाएंगे।
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने के दौरान मिलेगा। अक्सर देखने में आता था कि एक ही बिल पर दो बार क्लेम ले लिया जाता था या फर्जी बिल लगाकर भुगतान करा लिया जाता था।
ऑनलाइन सिस्टम में हर बिल का यूनीक नंबर और अस्पताल की आईडी लाक हो जाएगी। एक बार जिस बिल पर क्लेम हो चुका होगा, सिस्टम उसे दोबारा स्वीकार ही नहीं करेगा। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति आवेदन प्रक्रिया को अब पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया गया है। उपचार से संबंधित सभी कागजातों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। उसकी रिपोर्ट भी ऑनलाइन लगेगी। उसके बाद ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति मिलेगी। -डॉ. सतीश चंद्र नागर, सीएमएस जिला अस्पताल।
