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बदायूं: सीओ सिटी के नाम पर 1.5 लाख की रंगदारी, खुद को भाजपा नेता बताने वाला अमन मयंक शर्मा गिरफ्तार

Published: Wed, 26 Aug 2026 04:56 PM (IST)

दुष्कर्म की शिकायत निपटाने के नाम पर सीओ सिटी के नाम से डेढ़ लाख रुपये वसूलने के आरोप में खुद ...और पढ़ें

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित फर्जी भाजपा नेता अमन मयंक शर्मा व अजय शर्मा। स्रोत पुलिस

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित फर्जी भाजपा नेता अमन मयंक शर्मा व अजय शर्मा। स्रोत पुलिस

HighLights

  1. वरिष्ठ भाजपा नेता और अखिल भारतीय ब्राह्मण युवा ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाला अमन मयंक शर्मा समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

  2. दोनों से रंगदारी से वसूले 1.07 लाख रुपये हुए बरामद, पुलिस ने रंगदारी वसूलने में दर्ज किया मुकदमा, सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों को भेजा जेल

जागरण संवाददाता, बदायूं। दुष्कर्म के आरोप में फंसे दो भाइयों को बचाने के लिए सीओ सिटी के नाम पर डेढ़ लाख रुपये वसूले गए। इस मामले में खुद को वरिष्ठ भाजपा नेता और अखिल भारतीय ब्राह्मण युवा ब्राह्मण महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताने वाले अमन मयंक शर्मा व उसके साथी अजय शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पीड़ितों ने रंगदारी वसूलने के मामले में अमन मयंक शर्मा, अजय शर्मा और अंकुर उपाध्याय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव कैली निवासी संतोष कुमार ने सिविल लाइंस पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि उनके रिश्तेदार विजेंद्र व विनय के खिलाफ गांव की एक महिला ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत की थी। जब इस मामले की जांच शुरू हुई तो विजेंद्र व विनय को बयान दर्ज कराने के लिए एसएसपी कार्यालय बुलाया गया।

जहां सीओ कार्यालय में उनके बयान हुए। संतोष ने बताया कि जब विनय और विजेंद्र बयान दर्ज कराने गए थे, तो वह भी उनके साथ थे। इसी दौरान एसएसपी कार्यालय में अजय शर्मा नाम के व्यक्ति से उनकी मुलाकात हुई। उसने कहा कि वह चाहे तो उनके साथी विनय व विजेंद्र को इस मामले से बचा सकता है।

इसके लिए उसने डेढ़ लाख रुपये की मांग की। उन्होंने रुपये देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद अजय शर्मा ने अपने साथी अमन मयंक शर्मा व अंकुर उपाध्याय के द्वारा उनके नंबर पर काल कराना शुरू किया। उन्होंने धमकी दी कि अगर डेढ़ लाख रुपये नहीं दोगे तो विनय व विजेंद्र को दुष्कर्म के मामले में जेल भिजवा देंगे।

इन तीनों आरोपितों के दबाव के चलते उन्होंने ने अलग-अलग जगहों से रुपये की व्यवस्था की। इसके बाद 20 अगस्त को बरेली रोड स्थित दास पेट्रोल पंप के पास आरोपित और उसके साथी रुपये लेने पहुंचे थे। इसके बाद भी धमकी देने का सिलसिला जारी रहा। यह रकम उन तीनों ने सीओ सिटी राहुल पांडेय के नाम पर वसूली थी।

मामला सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने इनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। पुलिस ने इसमें सबसे पहले अजय शर्मा को पकड़ा। इसकी जानकारी पर कुछ ही देर में खुद को वरिष्ठ भाजपा नेता बताने वाले अमन मयंक शर्मा उसे छुड़ाने के लिए सिविल लाइंस थाने पहुंच गए।

बताते हैं कि पुलिस ने उन्हें भी बैठा लिया। वहीं इनके साथ कुछ अन्य लोग भी शराब के नशे में पकड़े गए। इसमें शिवाकांत शर्मा भी शामिल था। हालांकि इस मामले में कोई भूमिका न होने के चलते उसका शांतिभंग में चालान कर दिया। जबकि अजय और अमन मयंक शर्मा से लंबी पूछताछ की गई।

पुलिस ने रंगदारी में वसूली गई रकम में से अजय से 50 हजार जबकि अमन मयंक शर्मा से 57 हजार रुपये बरामद किए हैं। सीओ सिटी राहुल पांडेय ने बताया कि दुष्कर्म की शिकायत के मामले को निपटाने के लिए यह रंगदारी मांगी गई थी। इसमें उनका नाम इस्तेमाल किया गया था।

शिकायत मिलने पर कार्रवाई की गई है। तीसरें आरोपित की तलाश की जा रही है। इसमें कुछ अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जल्द ही उनका नाम भी मुकदमे में बढ़ाकर जेल भेजा जाएगा। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने अमन मयंक और अजय शर्मा का पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है।

तीन दिन पहले एसएसपी कार्यालय आई थी एंटी करप्शन

बताते हैं कि तीन दिन पहले एंटी करप्शन टीम भी एसएसपी कार्यालय आई थी। बताया जा रहा है कि इसी मामले में शिकायत एंटी करप्शन टीम से की गई थी। लेकिन सफलता न मिलने पर वह लौट गई थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एंटी करप्शन टीम को इस पीड़ित पक्ष ने नहीं बुलाया था। टीम कब और क्यों आई थी इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है।

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