विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

₹20 हजार के इनामी कातिल को फर्जी नाम से भेजा जेल, जांच बैठी तो बेनकाब हुए 3 दारोगा!

Published: Sun, 25 Oct 2026 04:06 AM (IST)

गाजियाबाद के विपिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू को फर्जी पहचान से जेल भेजने के मामले में तीन निलंबित दारोगा ...और पढ़ें

एआई इमेज

एआई इमेज

HighLights

  1. एसपी सिटी ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी, तीनों पर की गई मिसकंडक्ट की कार्रवाई

  2. गाजियाबाद के विपिन हत्याकांड के मुख्य आरोपित को तमंचा में भेज दिया था जेल

अंकित गुप्ता, बदायूं। गाजियाबाद के लोनी में हुए विपिन प्रजापति हत्याकांड के मुख्य आरोपित को फर्जी पहचान के आधार पर जेल भेजने के मामले में निलंबित तीनों दारोगा जांच में दोषी पाए गए हैं। एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह ने प्रकरण की जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी अंकिता शर्मा को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने तीनों दारोगाओं के खिलाफ मिसकंडक्ट की कार्रवाई की है।

गाजियाबाद के लोनी में हुए विपिन प्रजापति हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनू फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसी बीच बिनावर थाना पुलिस ने 23 जुलाई को सोनू को तमंचे के साथ गिरफ्तार दिखाया।

पुलिस ने उसे तमंचा बरामदगी के मामले में सोहनपाल उर्फ सूरज के नाम से जेल भेज दिया था। बाद में उसकी वास्तविक पहचान सामने आने पर प्रकरण ने तूल पकड़ा और जांच शुरू हुई।

हत्या के मामले में वांछित आरोपित को दूसरी पहचान के आधार पर जेल भेजे जाने से पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे। इस मामले में फैजगंज में तैनात रहे दारोगा ने सेटिंग कर मूसाझाग के दारोगा से बात करवाकर बिनावर के दारोगा के जरिए आरोपित को जेल भिजवाया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बिनावर थाने के दारोगा बलवीर सिंह, मूसाझाग थाने के दारोगा राजकुमार सिंह और फैजगंज बेहटा थाने के एसएसआइ नरेंद्र कुमार को निलंबित किया गया था। इसके बाद मामले की विभागीय जांच एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह को सौंपी गई।

उन्होंने प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की। जांच में तीनों दारोगाओं की भूमिका दोषपूर्ण पाई गई। इसमें सिर्फ बदायूं ही नहीं अन्य जिलों की गोपनीय विभाग से भी जांच हुई।

जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई। एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी ने तीनों दारोगाओं के खिलाफ मिसकंडक्ट की कार्रवाई की गई है।

एसएसपी अंकिता शर्मा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि एसपी सिटी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों दारोगाओं के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।

रिश्तेदारी की पुष्टि को गाजियाबाद तक हुई जांच

गाजियाबाद के लोनी में हुए विपिन प्रजापति हत्याकांड के मुख्य आरोपित सोनू को बिनावर से तमंचे में जेल भेजने के पीछे फैजगंज बेहटा में तैनात दारोगा की मुख्य भूमिका थी। इसमें बताया गया था कि वह सोनू का मामा है।

इस बात की पुष्टि के लिए जिले के अधिकारियों ने गाजियाबाद की पुलिस की मदद ली। इसमें गोपनीय स्तर पर जांच हुई। जिसमें रिश्तेदारी की बात की भी पुष्टि होना पाया गया।

यह भी पढ़ें- बदायूं में मौतों के बाद जागी सरकार: 5 फर्जी अस्पताल सील, 5 को नोटिस; जागरण की खबर का बड़ा असर