जागरण संवाददाता, बदायूं: कातिलाना हमला करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट अदालत ने आरोपित प्रधानपति पिता-पुत्र को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दस-दस हजार का जुर्माना भी डाला है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना अलापुर क्षेत्र के गांव कटिया निवासी टीकाराम पुत्र मूलचंद्र ने थाने में दी तहरीर में कहा था उसके गांव के प्रधानपति रामचरन पुत्र नत्थू व उनका लड़का देव ¨सह उर्फ गुड्डू प्रतिदिन शाम को शराब पीकर लोगों को गालियां देते हैं। आठ सितंबर 2008 को समय रात्रि करीब आठ बजे वादी मुहल्ले में ही किशनलाल की दुकान पर बीड़ी माचिस लेकर लौट रहा था। प्राइमरी स्कूल के पश्चिमी तिराहा पर रामचरन व उसका लड़का देव ¨सह उर्फ गुड्डू वादी को देखकर गाली देने लगा। तभी सुरेश चंद्र पुत्र रामस्वरूप व मुनीश पुत्र कल्लू व अन्य लोग आ गए और मारने के लिए ईटें चलाई। इस पर घर से रामचरन अपनी लाइसेंस बंदूक निकाल ले आए और फायर कर दिया। रामचरन द्वारा किए गए फायर के छर्रे वादी को लगे घटना को बहुत से लोगों ने देखा। कोर्ट में रामचरन पुत्र नत्थू, देव ¨सह उर्फ गुड्डू पुत्र रामचरन निवासीगण गांव कटिया थाना अलापुर के खिलाफ टीकाराम पर जानलेवा हमला करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश अशोक कुमार ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष के एडीजीसी रईस अहमद व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद उक्त आरोप में पिता-पुत्र को दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास समेत दस-दस हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई।

Posted By: Jagran

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