जेएनएन, बदायूं : जिले के अधिकांश सहकारी धान क्रय केंद्रों पर कागजी खरीद उजागर होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जागरण के समाचारीय अभियान में किसानों के हक की बात को प्रमुखता देते हुए धान खरीद प्रणाली की सच्चाई उजागर की गई तो एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर सिंह ने आरएफसी के जगत ब्लॉक क्षेत्र में लगे क्रय केंद्र पर छापेमार कार्रवाई की। एडीएम एफआर टीम के साथ अचानक क्रय केंद्र पर पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ के होश उड़ गए। एडीएम ने अब तक क्रय केंद्र पर खरीदा गया स्टॉक देखने के साथ ही वहां आने वाले किसानों का डाटा इकट्ठा किया। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में अगर माफिया और बिचौलिया का धान खरीदा गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीएम की इस कार्रवाई के बाद धान क्रय केंद्रों पर खलबली मची हुई है।

जिले में किसानों का धान खरीदने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के 37 केंद्र खोले गए। प्रशासन ने दावा किया था कि सभी धान क्रय केंद्रों पर अच्छे इंतजाम कराए गए हैं और वहां किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी। मगर, जब किसान धान क्रय केंद्रों की ओर अपनी फसल लेकर निकले तो पता चला कि अधिकांश सेंटर तो कागजों में ही चल रहे हैं। ऐसे में किसानों की सुनने वाला कोई नहीं था। दैनिक जागरण ने अपने समाचारीय अभियान में किसानों की बात को प्रमुखता से उठाया तो प्रशासन ने धान क्रय केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर दी। इसके बाद भी अधिकांश केंद्र किसानों को प्रशासन की ओर से बताए गए पते ठिकाने पर नहीं मिले। इससे सिस्टम पर सवाल उठने लगा। शुक्रवार को एडीएम एफआर खुद धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंचे।

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धान क्रय केंद्रों की मॉनीटरिग लगातार की जा रही है। व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त रखा गया है और वह खुद क्रय केंद्रों की स्थिति देख रहे हैं। किसान अपना धान किसी भी सेंटर पर बेच सकते हैं। केंद्र प्रभारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी बिचौलिया का धान खरीदा गया तो केंद्र प्रभारी को भी जेल भेजा जाएगा।

- नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम एफआर

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